द फॉलोअप डेस्क
बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के कंडेर पंचायत अंतर्गत दरहाबेड़ा गांव में जंगली हाथियों के आतंक ने इंसानी जज्बे की दर्दनाक तस्वीर पेश की। अपने बेटे की जान बचाने के प्रयास में एक पिता की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके को झकझोर देने वाली है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार बीती रात 5 से 6 जंगली हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों ने एक घर को निशाना बनाते हुए दीवार तोड़नी शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
मृतक करमचंद सोरेन ने खतरे को देखते हुए पहले अपनी पत्नी और छोटे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद वह अपने बड़े बेटे को बचाने के लिए दोबारा घर की ओर गया, तभी हाथियों का सामना उससे हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक हाथी ने करमचंद पर अचानक हमला कर दिया। हाथी ने उनकी गर्दन में दांत घुसाकर उन्हें जमीन पर पटक दिया। इस हमले में करमचंद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आशंका जताई जा रही है कि हाथियों का झुंड आसपास के जंगल क्षेत्र में अब भी मौजूद हो सकता है। घटना के बाद से गांव में डर का माहौल है और ग्रामीण पूरी रात जागकर अपने घरों की निगरानी कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को सामने लाती है। जंगली हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही ग्रामीण इलाकों के लिए खतरा बनती जा रही है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं, जिनकी कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ सकती है।
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