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CU में सतत खनन विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के कर्टेन रेज़र का आयोजन, रांची मेयर रोशनी खलखो रहीं उपस्थित

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रांची 
केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के प्रबंधन भवन स्थित मुख्य सभागार में सोमवार को “सतत खनन एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापन” विषय पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं एक्सपो के लिए कर्टेन रेज़र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रांची नगर निगम की महापौर रोशनी खलखो उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में ए. के. शुक्ला (सलाहकार एवं पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड), सीमा सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता), राकेश लाल (सामाजिक कार्यकर्ता), प्रो. बिजॉय सिंह (कुलाधिपति, सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी), डॉ. एन. पी. शुक्ला (शासी परिषद सदस्य, विज्ञान भारती) तथा सौमित्र सिंह (पूर्व कार्यकारी निदेशक, कोल इंडिया लिमिटेड) मौजूद थे। इस अवसर पर सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया और राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं एक्सपो की आधिकारिक ब्रोशर का भी लोकार्पण किया गया।


स्वागत भाषण में विज्ञान भारती झारखंड के सह-संयोजक एवं सचिव डॉ. सी. एस. द्विवेदी ने वर्तमान समय में पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सतत खनन और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के भू-सूचना विज्ञान विभाग के प्रो. ए. सी. पांडेय ने नॉलेज पार्टनर का परिचय देते हुए कहा कि पर्यावरण के अनुकूल खनन पद्धतियों को बढ़ावा देने में भू-स्थानिक तकनीक और शैक्षणिक अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में ए. के. शुक्ला ने जिम्मेदार खनन और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सीमा सिंह और राकेश लाल ने पारिस्थितिक पुनर्स्थापन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति प्रो. बिजॉय सिंह ने सतत विकास के लिए शिक्षा जगत, उद्योग और नीति-निर्माताओं के बीच समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। विज्ञान भारती के शासी परिषद सदस्य डॉ. एन. पी. शुक्ला ने संगठन के उद्देश्यों और वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा देने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।


इस अवसर पर संगोष्ठी के अध्यक्ष एवं आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा तथा सह-अध्यक्ष एवं सीआईएमएफआर धनबाद के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएँ भेजीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरणीय सततता से जुड़े शोध और संवाद को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य अतिथि रोशनी खलखो ने भी सतत शहरी और क्षेत्रीय विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम संयोजक एवं कोल इंडिया लिमिटेड के पूर्व कार्यकारी निदेशक सौमित्र सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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