द फॉलोअप डेस्क
वित्त विभाग को आधिकारिक रूप से अब तक नहीं पता है कि उसका प्रशाखा पदाधिकारी संतोष कुमार मस्ताना कहां है। दुखद यह है कि संतोष कुमार मस्ताना ने शादी नहीं की है। उसके माता-पिता भी नहीं है। वह रांची में अकेले ही रहता था। गिरिडीह निवासी संतोष कुमार मस्ताना का नजदीक का कोई रिश्तेदार नहीं होने की वजह से उसकी कोई खोजबीन भी नहीं कर रहा है। इस कारण संतोष कुमार मस्ताना के बारे में आधिकारिक रूप से सचिवालय में काम करने वाले उसके सहकर्मियों और विभाग के वरीय अधिकारियों को उसके बारे में जानकारी मिल पा रही है। मालूम हो कि सीजीएल प्रश्न पत्र लीक प्रकरण में 28 अक्तूबर की रात सीआईडी ने संतोष कुमार मस्ताना को हिरासत में ले लिया था। लेकिन हिरासत में लिए 14 दिन बीत जाने के बाद भी सीआईडी ने वित्त विभाग को इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

जबकि सर्विस रुल के अनुसार किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी के 48 घंटे से अधिक पुलिस हिरासत में रहने पर उसे निलंबित करने का प्रावधान है। अब वित्त विभाग को न आधिकारिक जानकारी मिल रही है और ना ही वित्त विभाग संतोष कुमार मस्ताना को निलंबित ही कर पा रहा है। यहां मालूम हो कि सीजीएल परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक प्रकरण में मस्ताना का भी नाम जुड़ा था। उसने सोशल मीडिया यह जानकारी साझा की थी कि परीक्षा से पहले उसके मोबाइल पर सीजीएल परीक्षा के प्रश्न पत्र किसी ने भेज दिया था। इस तरह उसने भी प्रश्न पत्र लीक होने का संकेत दिया था। इसी कारण सीआईडी ने उसे गिरफ्तार किया और बताया जाता है कि उससे पूछताछ की जा रही है।
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सरकारी प्रेस में छपाई प्रभावित
वित्त विभाग का प्रशाखा पदाधिकारी संतोष कुमार मस्ताना राजकीय मुद्रणालय डोरंडा में पदस्थापित था। उसे गजट प्रकाशन की महती जिम्मेदारी थी। अब उसके नहीं रहने से सरकारी प्रेस में गजट प्रकाशन का काम बुरी तरह प्रभावित है। खास कर नाम परिवर्तन, पता परिवर्तन और कई अन्य तरह के ऐसे किसी परिवर्तन संबंधी गजट नोटिफिकेशन के लिए आनेवाले लोग खासा परेशान हैं। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आनेवाले लोग बगैर काम हुए वापस लौट रहे हैं। दिलचस्प यह है कि सीआईडी द्वारा आधिकारिक जानकारी नहीं दिए जाने के कारण मस्ताना को विभाग निलंबित तो नहीं ही कर पा रहा है, उसकी जगह किसी दूसरे प्रशाखा पदाधिकारी की पोस्टिंग भी नहीं हो पा रही है।

हाईकोर्ट में चल रही सीजीएल परीक्षा पर सुनवाई
सीजीएल परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में चल रही है। अभ्यर्थियों ने सीबीआई जांच की मांग की है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। फैसला आने तक कोर्ट ने इस परीक्षा के अंतिम परिणाम के प्रकाशन पर स्टे लगा रखा है। सीजीएल परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित की गई थी। आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक हो गए थे।
