द फॉलोअप डेस्क
साहिबगंज में अवैध खनन के मामले को लेकर ईडी ने डीसी से रामनिवास यादव से कड़ी पूछताछ की। करीब 7 घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें छोड़ा। जानकारी के अनुसार डीसी को फिर 6 फरवरी को पूछताछ के लिए फिर से बुलाया है। बताते चलें कि ईडी ने 23 जनवरी को समन भेज कर डीसी को तलब किया था। उन्हें 11 बजे उन्हें ऑफिस आने को कहा था। पहले डीसी के बारे में चर्चा हो रही थी कि उन्होंने ईडी से समय लिया है। हालांकि, बाद में यह महज अफवाह साबित हुआ। सोमवार को डीसी रामनिवास यादव ईडी कार्यालय पहुंचे और उनके सवालों का सामना किया।

1000 करोड़ का अवैध खनन हुआ
ईडी ने अब तक की जांच में पाया है कि साहिबगंज में अप्रैल 2020 से मार्च 2022 के बीच 1000 करोड़ का अवैध खनन हुआ है। मुख्यमंत्री के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा संरक्षण में हुए अवैध खनन में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की शीमिल थे। इस पूरी अवधि में साहिबगंज के डीसी रामनिवास थे। ऐसे में उन्हें ईडी ने उन्हें समन किया है। इस मामले में साहिबगंज के डीएमओ विभूति कुमार से ईडी ने पहले पूछताछ की थी। बताया जा रहा है कि विभूति कुमार ने ईडी को दिए बयानों में कबूल किया था कि अवैध खनन से अर्जित राशि का हिस्सा उन्होंने पूजा सिंघल के करीबी सुमन कुमार को दिया था।

मुख्यमंत्री से भी हुई थी पूछताछ
गौरतलब है कि झारखंड में 1000 कारोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने पिछले साल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी पूछताछ की थी। सीएम से पूछताछ के बाद यह तय हो गया था कि अब कुछ नौकरशाहों को भी ईडी समन करेगी। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अवैध खनन और उससे जुड़ी कार्यों को लेकर साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव,एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा के साथ उच्चस्तर अधिकारियों को समन होना तय था। उसी कड़ी में साहिबगंज से पूछताछ के लिए तलब किया गया।