द फॉलोअप डेस्क
निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के पिता गेंदा राम और पत्नी राजकुमारी देवी की अग्रिम याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ईडी के न्यायाधीश पीके शर्मा के कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। बता दें कि 30 अप्रैल को वीरेंद्र राम उनके भाई आलोक रंजन, वीरेंद्र राम की पत्नी राजकुमारी देवी एवं पिता गेंदा राम के खिलाफ ईडी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। बीते दिनों ईडी ने वीरेंद्र राम की 39.28 करोड़ रुपए से अधिक संपत्ति जब्त की थी।

ईडी ने किया था वीरेंद्र राम को गिरफ्तार
बता दें कि ग्रामीण विकास विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत रहते हुए वीरेंद्र राम ने करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया था। जिसकी सूचना प्रवर्तन निदेशालय को मिली और उसी के आधार पर फरवरी माह में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने तत्कालीन चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम पर कार्रवाई की। ईडी की टीम ने छापेमारी और पूछताछ के बाद 23 फरवरी को वीरेंद्र राम को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान वीरेंद्र राम ने गलत तरीके से अर्जित किए गए धन के बारे में ईडी को जानकारी दी। जिसके बाद ईडी ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर करोड़ों रुपए की संपत्ति को जब्त कर लिया। पूछताछ के दौरान ईडी की टीम ने पाया कि वीरेंद्र राम अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 100 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति अपने नाम कर चुके हैं और राज्य सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंचा चुके हैं।
तीन और आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
बता दें कि वीरेंद्र राम से पूछताछ के बाद तीन और आरोपियों को भी ईडी की टीम ने अब तक गिरफ्तार किया है। इसमें नीरज मित्तल, ताराचंद गुप्ता और राम भाटिया का नाम शामिल है। ये तीनों आरोपी वीरेंद्र राम के द्वारा कमाए गए अवैध संपत्ति को हवाला के जरिए ठिकाना लगाते थे। ईडी की पूछताछ के दौरान वीरेंद्र राम से मिली जानकारी के आधार पर पत्नी राजकुमारी देवी और गेंदा राम को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपी बनाए जाने के बाद पत्नी राजकुमारी देवी और पिता गेंदा राम को गिरफ्तारी का डर सताने लगा, जिसके बाद उन्होंने अपने वकील के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
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