logo

तुरामडीह माइंस गेट पर विस्थापितों का धरना, पूर्व CM अर्जुन मुंडा के पहुंचने पर विरोध; पुलिस ने संभाली स्थिति

ARJUN_MUNDA_VIRODH.jpg

पूर्वी सिंहभूम

पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत तुरामडीह क्षेत्र के विस्थापित परिवारों के सम्मान, अधिकार और न्यायपूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर सुंदरनगर स्थित तुरामडीह माइंस गेट पर आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन ने राजनीतिक रंग ले लिया। तुरामडीह विस्थापित समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन को समर्थन देने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद प्रदर्शन स्थल के आसपास विरोध और समर्थन के बीच कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गयी, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में हालात नियंत्रित कर लिये गये। धरना के दौरान एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने विस्थापितों की मांगों को उठाते हुए यूसिल प्रबंधन और स्थानीय विधायक की भूमिका पर सवाल खड़े किये, वहीं दूसरी ओर ग्रामसभा के बैनर तले जुटे ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर उनका विरोध किया। इस दौरान अर्जुन मुंडा के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, पोटका विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विस्थापित परिवारों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।

अर्जुन मुंडा वापस जाओ के नारे

इसी दौरान धरना स्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर तुरामडीह ग्रामसभा के बैनर तले संयुक्त ग्रामसभा, नांदूप ग्रामसभा के ग्रामीणों के साथ झामुमो से जुड़े नेता और कार्यकर्ता भी जुटे और आंदोलन का विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों ने अर्जुन मुंडा के खिलाफ नारेबाजी की और यूसिल प्रबंधन के खिलाफ भी प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने लाठी-डंडों के साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, अर्जुन मुंडा वापस जाओ के नारे लगाये और उनका पुतला दहन किया। करीब एक घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को धरना स्थल और पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले तक पहुंचने से रोके रखा और उनके निकलने तक सुरक्षा घेरा बनाये रखा। विरोध प्रदर्शन के बाद संयुक्त ग्रामसभा, माझी बाबा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पूर्व में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में सभी ग्राम सभाओं से सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन कुछ लोग इस प्रक्रिया को अस्वीकार कर विवाद खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना था कि मजदूर बहाली के नाम पर किसी भी प्रकार की दलाली या बिचौलियागिरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

अर्जुन मुंडा ने विस्थापित परिवारों की मांगों को न्यायसंगत बताया 

वहीं, धरना को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने विस्थापित परिवारों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पूर्व में नांदूप गांव के विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता के बाद समझौता हुआ था, लेकिन अब तक उसे लागू करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों की ओर से सौंपे गये मांग पत्र पर भी कार्रवाई नहीं की गयी है। अर्जुन मुंडा ने कहा कि विस्थापित परिवारों के अधिकारों की उपेक्षा स्वीकार नहीं की जायेगी और मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि धरना स्थल और विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी राजनीतिक दल का औपचारिक बैनर या पोस्टर नजर नहीं आया, लेकिन पूरा घटनाक्रम राजनीतिक रंग में रंगा दिखा। धरना के दौरान भाजपा नेताओं के निशाने पर पोटका विधायक संजीव सरदार रहे, जबकि विरोध प्रदर्शन को भाजपा ने झामुमो समर्थित बताया।

Tags - Displaced Families Protest Rally Former Chief Minister Arjun Munda Ucil Management Public Demonstration