पूर्वी सिंहभूम
पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। कोवाली थाना क्षेत्र के नारदा पंचायत अंतर्गत नारदा गांव में तेज बुखार से 12 वर्षीय बच्ची अनिता सरदार की मौत हो गयी। लेकिन आशंका जतायी जा रही है कि बच्ची की मौत ब्रेन मलेरिया से हुई है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और समय पर जांच-इलाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि जिले में मलेरिया संक्रमण और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
मृत बच्ची के भाई में भी ब्रेन मलेरिया की पुष्टि
जानकारी मिलने के बाद बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पोटका की टीम प्रभारी डॉ. सुकांत सीट के नेतृत्व में नारदा गांव पहुंची। जांच के दौरान मृतका के पांच वर्षीय भाई अजय सरदार में भी तेज बुखार पाया गया। स्वास्थ्य टीम ने जांच कराई, जिसमें उसके ब्रेन मलेरिया से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया गया। 
समय पर इलाज न मिल पाने के कारण हुई मौत
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि अजय की हालत गंभीर होने के कारण उसे एमजीएम अस्पताल भेजा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं, परिजनों का आरोप है कि समय पर बीमारी की पहचान और इलाज नहीं मिलने से बच्ची की जान चली गयी। परिजनों ने पहले इसे सामान्य बुखार समझा, जिससे इलाज में देरी हुई। 
जिले में 13 हजार से अधिक लोगों की हुई मलेरिया जांच
पूर्वी सिंहभूम जिले में बुधवार को मलेरिया जांच अभियान के दौरान 13,143 लोगों की जांच की गयी, जिसमें 86 लोग मलेरिया संक्रमित पाये गये। इनमें 60 पीएफ (प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम), 21 पीवी (प्लाज्मोडियम विवैक्स) और 5 मिश्रित मलेरिया के मरीज मिले हैं। पोटका में सबसे अधिक 29 मरीज पाये गये हैं। इसके अलावा डुमरिया में 20, घाटशिला और मुसाबनी में 11-11 मरीज मिले हैं। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच, फॉगिंग और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। एनएचएम के मिशन डायरेक्टर शशि प्रकाश झा ने भी पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां का दौरा कर मलेरिया की स्थिति की समीक्षा की। वहीं, जिले में अब तक ब्रेन मलेरिया से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।