द फॉलोअप डेस्क, रांची
झारखंड की राजनीती से एक बड़ी खबर निकल कर आ रही है. डुमरी उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है. आगामी माह 5 सितंबर को मतदान और 8 को मतों की गिनती की जाएगी. बता दें डुमरी विधानसभा से विधायक व पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद लगातार कयास लगाए जा रहे थे की डुमरी उपचुनाव की घोषणा कब होगी. हालांकि डुमरी विधानसभा उपचुनाव के लिए I.N.D.I.A. की और से झामुमो ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है. यही नहीं पूर्व मंत्री स्व. जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी को मंत्री भी बना दिया गया है. बता दें की डुमरी उपचुनाव में NDA की ओर से आजसू पार्टी चुनावी मैदान में अपना प्रत्याशी उतरेगा। हालांकि अभी तक NDA की तरफ से कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि यह चुनाव बाबूलाल मरांडी के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा.

2019 के विधानसभा चुनाव में किसे कितने वोट मिले थे
2019 में भाजपा और आजसू के अलग-अलग लड़ने के कारण जगरनाथ महतो यहां से आसानी से जीत गये थे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आजसू पार्टी की उम्मीदवार यशोदा देवी को 34,288 वोटों के अंतर से चुनाव हराया था। तीसरा स्थान भाजपा के प्रदीप साहू को मिला था। लालचंद महतो जदयू से चुनाव लड़े और मात्र 5,219 वोट लाकर सिमट गये। आजसू पार्टी और भाजपा के उम्मीदवारों को मिले वोट झामुमो उम्मीदवार से ज्यादा थे। लेकिन 2019 के पूरे चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो मामला इस बार इतना आसान नहीं दिखता। 2019 में जगरनाथ महतो ने कुल वोटिंग प्रतिशत में सबसे अधिक 37.38 प्रतिशत वोट हासिल थे. जगरनाथ महतो को 71,128 वोट प्राप्त हुए थे. इसके बाद आजसू की उम्मीदवार यशोदा देवी ने 19.36 प्रतिशत वोट हासिल किये। यशोदा देवी को कुल 36,840 वोट मिले थे. वहीँ तीसरे स्थान पर रहने वाले भाजपा के उम्मीदवार प्रदीप साहू को 18.93 प्रतिशत वोट मिले थे. प्रदीप साहू को कुल 36,013 वोट मिले थे. चौथे स्थान पर रहने वाले aimim के उम्मीदवार अब्दुल रिजवी को करीब 12 प्रतिशत वोट मिले थे. अब्दुल रिजवी को कुल 24132 वोट मिले थे. वही पांचवें नंबर पर रहने वाले जदयू के उम्मीदवार लालचंद महतो को करीब 2.74 प्रतिशत वोट मिले थे. लालचंद महतो को 5,219 वोट मिले थे.

डुमरी में दो-दो बड़े कार्यक्रम कर चुके हैं मुख्यमंत्री
डुमरी में 5 सितम्बर को होने वाले वोटिंग में यह तय होगा कि बेबी देवी मंत्री बनी रहेंगी या फिर नहीं। चुनाव से पहले जब बेबी देवी को मंत्री बनाया गया तो यही कहा गया कि हेमंत सरकार ने बड़ा सियासी दांव खेल दिया है. क्योंकि यही दाव एक बार पहले उपचुनाव में सही भी साबित हुआ है. जब मधुपुर की सीट से चुनाव जीतकर मंत्री बनने वाले हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे हफीजुल हसन अंसारी को चुनाव से पहले ही मंत्री बना दिया गया था. मंत्री बनने के बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले हफीजुल हसन ने 5,292 वोट से चुनाव जीत लिया था. अब देखना है कि डुमरी उपचुनाव के मैदान में क्या होता है. वैसे चुनाव की घोषणा होने से पहले ही खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन डुमरी विधानसभा क्षेत्र में दो-दो बड़े कार्यक्रम कर चुके हैं और बता चुके हैं कि सरकार स्वर्गीय जगरनाथ महतो के हर सपने को पूरा करने का काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने डुमरी में ही 1932 की बात को भी दोहराया है.
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