द फॉलोअप डेस्क, रांची:
JSSC-JPSC की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। यहां कथित तौर पर अभ्यर्थियों और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेताओं के बीच मुख्य मंच पर बैठने को लेकर तीखी बहस हुई। दरअसल, मंच पर राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों की मौजूदगी का कुछ छात्रों ने विरोध किया। उनका तर्क था कि यह पूरी तरह से अभ्यर्थियों का आंदोलन है और किसी भी राजनीतिक दल के नेता, प्रतिनिधि अथवा कार्यकर्ता को मंच से दूर रहना चाहिए। कहा जाता है कि इसी बात को लेकर वहां विवाद हो गया।

मंच पर राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों की मौजूदगी पर आपत्ति
बताया जाता है कि मंच पर राजनीतिक दल से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी के मसले पर अभ्यर्थियों और जेएलकेएम नेत्री आयशा किन्नर और देवेंद्रनाथ महतो के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। हालात ऐसे बने कि धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। आयशा किन्नर ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने भी एक छात्र पर हाथ उठाया है। आयशा किन्नर ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल की प्रतिनिधि की हैसियत से नहीं, बल्कि छात्रों का दर्द समझकर केवल उन्हें समर्थन देने के मकसद से छात्रों के बीच आई हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने चंदा जुटाकर अभ्यर्थियों को पैसा भी दिया।
अभ्यर्थियों ने आंदोलन हाईजैक करने की कोशिश का लगाया आरोप
वहीं अभ्यर्थियों का कहना था कि उनके आंदोलन को हाईजैक करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के मंच को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि आए हैं तो वे मंच पर बैठने की जिद क्यों करते हैं, उन्हें मंच से दूर रहना चाहिए। अभ्यर्थियों ने कहा कि यह विशुद्ध रूप से JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी औऱ अनियमितता से सताए गये नौजवानों का आंदोलन है और इस मंच का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
आखिरकार विरोध स्वरूप सभी छात्र मंच और टेंट छोड़कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के मैदान में चले गए और वहीं आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि मंच पर चढ़ेगा, तो वे मंच और टेंट का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे क्योंकि यह आंदोलन केवल छात्रों का है।