द फॉलोअप डेस्क
झारखंड हाईकोर्ट में आज जेल और राज्य के थानों को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीशन तरलोक सिंह चौहान की खंड पीठ ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपियों द्वारा किए गए डांस और उसका वीडियो वायरल होने पर इसे स्वतः संज्ञान लिया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को दो दिनों के भीतर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में नियमित जेल अधीक्षक की नियुक्ति करने का मौखिक आदेश दिया। गृह विभाग को यह भी सुनिश्चित करने काक आदेश दिया कि जेल में किसी प्रकार के फोन, चार्जर या नशे का सामान न जाये। झालसा और पुलिस प्रशासन समय समय पर जेल का औचक निरीक्षण करे। खंड पीठ अगली सुनवाई पांच दिसंबर को करेगा।

उधर झारखंड हाईकोर्ट ने प्रॉपर्टी रिएल्टी प्राइवेट लिमिटेड, शौभिक बनर्जी और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को पांच जनवरी तक झारखंड के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश पर आज हाईकोर्ट में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और आईटी सेक्रेट्री सशरीर उपस्थित हुए। मालूम हो कि पश्चिम बंगाल के शौभिक बनर्जी एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि चेक बाउंस से जुड़े केस में वह धनबाद कोर्ट में बेल लेने आए थे। लेकिन धनबाद पुलिस ने उन्हें दो दिनों तक अवैध तरीके से थाने में बैठाए रखा और जबरन दबाव बनाकर दूसरे पक्ष की मदद की। सारी घटनाएं बैंक मोड़ थाने में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड है। इसके बाद हाईकोर्ट ने थाने में लगे सीसीटीवी का रिकार्ड मांगा तो पुलिस ने कहा था कि दो दिनों का बैकअप उपलब्ध है। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया था। पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों को सशरीर उपस्थित होने का भी निर्देश दिया था।