रांची
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में राज्य भर में मुहर्रम बहुत ही गमगीन माहौल में मनाया गया। दोपहर बाद से ही ढोल-ताशों की गमगीन आवाज में ताजिया निकालना शुरू हो गया था। या हुसैन या हुसैन के नारे से गूंज उठा। 'सेंट्रल मुहर्रम कमेटी रातु' द्वारा काठीटांड मोड़ में आज भ्वय मंच सजाया गया। मंच में 'झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा' के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो मुख्य अतिथि मे शामिल हुए। मंच से हजरत इमाम हुसैन के शहादत को याद करते हुए कहा कि हुसैन साहब की शहादत अमर है। निष्ठा सत्य और अधिकार के लिए उनके त्याग बलिदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। जुलूस लाने वाले खलीफा को मोमेंटो से सम्मानित किया गया।
कमेटी के अध्यक्ष हाजी अरशद अयूब ने जानकारी देते हुए कहा कि आज सोमवार को सिमलिया,अगडू, पांचपुरा, ईसरी, चिगडा, फुटकाटोली, न्यूपिरा,गोरुली, भानापीडी आदि क्षेत्रों के जुलूस काठिटांड में एकत्रित हुए। भारी मात्रा में रंग-बिरंगे पताखे के साथ भारी संख्या में भीड़ देखने को मिला।अल्लाह को इबादत करते हुए काठीटांड में खांक-ए-सुपुर्द कर दिया गया। आज के इस कार्यक्रम में सेंट्रल मुहर्रम कमेटी में अक्लिमा खातून, पटेल बाबा, मियां जान अंसारी, सलीम मंसूरी, इरशाद आलम, संतोष साहू, अरवर खान आदि सक्रिय रहे।
