द फ़ॉलोअप डेस्क, रांची
10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो सदर अस्पताल में इलाजरत हैं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि इलाज के बहाने देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल में ही डिटेन करके रखा गया है। उन्हें आंदोलन स्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
दरअसल, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान देर शाम देवेंद्र नाथ महतो विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास पहुंच गए थे। इसी दौरान पुलिस उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल ले गई। प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। वे लगातार 10 दिनों से भूख हड़ताल पर थे।
सदर अस्पताल में भर्ती हुए दो दिन बीत जाने के बाद देवेंद्र के समर्थकों ने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। छात्रों का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो धरना स्थल पर वापस आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है।

जबतक मांगे पूरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा
गौरतलब है कि पिछले 20 दिनों से JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच छात्रों की सरकार से कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है। लेकिन अबतक वार्ता सफल नहीं हो पाई। छात्रों की कुछ प्रमुख मांगे हैं, जिसमें JSSC-CGL रद्द और JPSC-JSSC परीक्षाओं की CBI जांच शामिल है। सरकार अबतक इन मांगों पर सहमति नहीं जताई है।
हालांकि, सरकार न्यायिक जांच के लिए तैयार है लेकिन छात्र राजी नहीं हैं। छात्र अब भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत हैं। उनका कहना है जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा।