द फॉलोअप, रांची
छात्र परेशान हैं। उम्र सीमा समाप्त हो रही है। परीक्षा की तैयारी करते करते थक गए हैं। JPSC का गुहार लगाते लगाते और हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट का चक्कर लगाते लगाते परेशान हो उठे हैं। अब आक्रोशित भी हो रहे हैं। लेकिन झारखंड सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के संशोधित पीटी का परिणाम न तो निकल रहा है और ना ही मुख्य परीक्षा का आयोजन हो रहा है। यह स्थिति तब है जब सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी 2026 को अपने आदेश में हाईकोर्ट को विशेषज्ञ समिति बनवा कर पीटी परीक्षा के विवादित प्रश्नों को लेकर समाधान कराने और परीक्षाफल का प्रकाशन कराने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। लेकिन 15 सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी पीटी का संशोधित परीक्षाफल प्रकाशित नहीं हो पाया।

क्या है पूरा मामला
झारखंड लोक सेवा आयोग(जेपीएससी) ने 14 अगस्त 2023 को झारखंड सिविल जज (जूनियर डिवीजन) का विज्ञापन (22/2023) प्रकाशित किया था। इस विज्ञापन के आधार पर 138 पदों पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की नियुक्ति होनी है। इस विज्ञापन के आधार पर 10 मार्च 2024 को प्रारंभिक (पीटी) की परीक्षा आयोजित हुई। उसका परीक्षाफल भी 2 जुलाई 2024 को प्रकाशित कर दिया गया। इसके साथ ही पीटी की परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन भी आमंत्रित कर लिया गया। इसी क्रम में कुछ छात्र कट ऑफ मार्क्स को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। उनका कहना था कि तीन प्रश्न गलत थे। उसका मार्क्स जोड़ा जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने दिया था संशोधित रिजल्ट जारी करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों के तर्क से सहमत होते हुए पीटी का संशोधित परीक्षाफल प्रकाशित करने का आदेश दिया। लेकिन जेपीएससी हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट चला गया। सुप्रीम कोर्ट ने फिर अपने फैसले में हाईकोर्ट को विशेषज्ञ समिति बनवा कर पीटी परीक्षा के विवादित प्रश्नों को लेकर समाधान कराने और परीक्षाफल का प्रकाशन कराने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। लेकिन अब तक पीटी का संशोधित परीक्षाफल का प्रकाशन नहीं हो पाया। इस कारण मुख्य परीक्षा का भी आयोजन नहीं हो पा रहा है। इस तरह पिछले तीन साल से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र अब परेशान हो उठे हैं।
