logo

देवघर सदर अस्पताल पर गंभीर आरोप, युवक को चढ़ाई एक्सपायरी स्लाइन

sline2.jpg

द फॉलोअप डेस्क
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। देवघर सदर अस्पताल से सामने आए एक मामले में सड़क हादसे में घायल युवक को कथित तौर पर एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने और इलाज शुरू करने से पहले पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया और परिजनों ने दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार देवघर के बैजनाथपुर निवासी कृष कुमार शुक्रवार को अपने एक मित्र के साथ बाइक से बिलासी चौक की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रहे एक वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में कृष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।

मां का आरोप- इलाज शुरू करने के लिए मांगे गए पैसे

घायल युवक की मां टुम्पा देवी ने अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटे को अस्पताल पहुंचाने के बाद प्राथमिक उपचार और ड्रेसिंग के लिए उनसे पैसे मांगे गए। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को बताया कि वह जल्दबाजी में बिना पैसे लिए घर से निकली हैं, लेकिन इसके बावजूद इलाज शुरू नहीं किया गया। टुम्पा देवी का आरोप है कि बेटे की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें मजबूरी में अपना मोबाइल फोन गिरवी रखना पड़ा, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उपचार शुरू किया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान कृष कुमार को जो स्लाइन चढ़ाई गई, उसकी एक्सपायरी अवधि समाप्त हो चुकी थी। परिजनों के मुताबिक स्लाइन का बैच नंबर 1B240928 था, जिसका निर्माण फरवरी 2024 में हुआ था और उस पर जनवरी 2026 तक की वैधता अंकित थी। आरोप है कि इसके बावजूद 19 जून 2026 को वही स्लाइन मरीज को चढ़ा दी गई। मामले की जानकारी होने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।

हंगामे के बाद बदली गई स्लाइन, जांच के आदेश

परिजनों के विरोध के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल उक्त स्लाइन हटाकर दूसरी स्लाइन लगाई। फिलहाल घायल युवक की हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पूरे मामले पर देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। शनिवार को मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं और किसी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Tags - Deoghar Hospital Health Jharkhand Negligence