द फॉलोअप, रांची
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मंगलवार को महगामा प्रखंड के सारोतिया पंचायत सचिवालय में आधार परमानेंट एनरोलमेंट सेंटर (Aadhaar Enrolment Centre) का शुभारंभ किया। यह पहल राज्य सरकार की डिजिटल पंचायत योजना के तहत शुरू की गई है। इसके अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से झारखंड की सभी 4,345 ग्राम पंचायतों में आधार परमानेंट एनरोलमेंट सेंटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाएं उनके अपने पंचायत भवन में ही उपलब्ध हो सकें।
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इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह केवल एक सेवा केंद्र का उद्घाटन नहीं, बल्कि ग्रामीण शासन व्यवस्था को डिजिटल और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत किसी बड़े शहर या राजधानी रांची से नहीं, बल्कि पंचायत भवन से की गई है, जो इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास की शुरुआत गांवों और पंचायतों से करना चाहती है। उन्होंने बताया कि आज राज्यभर में एक साथ आठ पंचायतों में इस व्यवस्था का शुभारंभ किया गया है। आने वाले समय में झारखंड की सभी 4,345 ग्राम पंचायतों को डिजिटल पंचायत बनाने की तरफ़ क्रांतिकारी क़दम है। मंत्री ने कहा कि 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में हुए एमओयू में तय हुआ था कि आधार केंद्र जो होगा ब्लॉक और जिला में ही नहीं पंचायत में भी होगा. आधार से संबंधित अधिकांश सेवाएं अब गांव की पंचायतों में ही उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीणों को बार-बार शहरों और जिला मुख्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि आधार में नाम, जन्मतिथि, पता अथवा अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए लोगों को पहले काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार दूर-दराज़ से आने के बाद भी उन्हें बिना काम कराए लौटना पड़ता था। अब ऐसी समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध होगा। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि डिजिटल पंचायत योजना के माध्यम से भविष्य में केवल आधार सेवाएं ही नहीं, बल्कि बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी जानकारी, विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य नागरिक सेवाओं को भी पंचायत भवनों के माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है।उसी प्रयास का नतीजा है और ऐतिहासिक कदम राज्य सरकार के द्वारा सीएससी और आधार कार्ड से जुड़ी जो अथॉरिटी है उसके द्वारा ये ऐतिहासिक कदम राज्य में लिया गया है. सरकार के इस प्रयास से सबसे अधिक लाभ महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। अब छोटी-छोटी सेवाओं के लिए उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की बचत होगी।

मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों, वीएलई तथा संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे इस व्यवस्था का सुचारु संचालन सुनिश्चित करें, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इसका लाभ समय पर पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सरोतिया पंचायत भवन से जो सेवा शुरू हो रही है उसे राज्य के हर पंचायत में शुरू करने की जिम्मेदारी सरकार ने ली है, बच्चों के लिए डिजिटल पढ़ाई की व्यवस्था पंचायत में ज्ञान केंद्र के माध्यम से की गई है, आने वाले समय में राज्य सरकार का प्रायस होगा त्रीस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की कल्पना करके जो यह बनाया गया और गाँव के लोगों का समाधान गाँव में हो जाये यह सुनिश्चित करेंगे. पंचायतों को उनके हिस्से का फंड देने का काम किया गया।पन्द्रवें वित्त का पैसा दो साल से रुका हुआ था, वो हम लोगों ने केंद्र से लाकर पंचायतों तक पहुंचाया है।
