द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह में आयोजित जनता दरबार आज सिर्फ शिकायतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वहां एक बच्चे की छोटी-सी कहानी ने पूरे माहौल को मानवीय संवेदना से भर दिया। अपनी मां का हाथ थामे एक नन्हा बच्चा भी जनता दरबार में पहुंचा था। ठंड के मौसम में उसने आंगनबाड़ी से मिला एक वस्त्र पहन रखा था। 
इसी दौरान डीसी राम निवास यादव की नजर उस बच्चे पर पड़ी। उन्होंने तुरंत उसे अपने पास बुलाया। किसी अधिकारी जैसी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक अभिभावक जैसी आत्मीयता के साथ उन्होंने बच्चे से बातचीत शुरू की। उन्होंने उसका नाम पूछा, यह जाना कि वह किस कक्षा में पढ़ता है, स्कूल जाता है या नहीं और उसे कौन-सा विषय सबसे ज्यादा पसंद है। उपायुक्त की स्नेहभरी आवाज़ और मुस्कान से बच्चा भी सहज हो गया और बेझिझक अपने छोटे-छोटे सपनों की बातें करने लगा। उस पल जनता दरबार में मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। .jpeg)
बच्चे से बातचीत के बाद उपायुक्त ने उसकी मां से बात की। उन्होंने परिवार की स्थिति, रोज़मर्रा की परेशानियों और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे। महिला ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि वह एक सरकारी योजना के लाभ से वंचित है। उसकी आवाज़ में चिंता थी, लेकिन उपायुक्त के भरोसे भरे रवैये ने उसे हौसला भी दिया। उपायुक्त राम निवास यादव ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला की समस्या का त्वरित समाधान किया जाए और उसे सभी पात्र योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी योग्य व्यक्ति को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।