द फॉलोअप, रांची
राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में संविदा, दैनिक वेतनभोगी, एकमुश्त पारिश्रमिक तथा आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है। इससे राज्य सरकार के सचिवालय, क्षेत्रीय कार्यालय तथा विभिन्न बोर्ड-निगमों एवं अन्य कार्यालयों में कार्यरत ऐसे हजारों कर्मियों को प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण करना थोड़ा आसान हो जाएगा। सरकार इन्हें प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने पर प्राप्तांक में 0.15 फीसदी से 15 फीसदी तक का अतिरिक्त वेटेज देगी। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर सहमति के लिए विधि और वित्त विभाग को भेजा है। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त मार्क्स के वेटेज का लाभ, उन्हीं कर्मियों को मिलेगा जो तीन साल से अधिक अवधि से कार्यरत हैं।
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प्रस्ताव के अनुसार 36 माह तक सेवा देनेवाले कर्मियों को प्रतियोगिता परीक्षा के कुल पूर्णांक में शून्य वेटेज का लाभ मिलेगा। लेकिन 37 माह का कार्यकाल पूरा होते ही उन्हें 0.15 फीसदी, 40 माह पर 0.60 फीसदी, 60 माह में 3.60, 120 माह में 12.60 एवं 136 माह में 15 फीसदी का कुल पूर्णांक में वेटेज मिलेगा। हालांकि अधिकतम वेटेज 15 फीसदी से अधिक नहीं होगा। सरकार ने प्रस्ताव में कहा है कि संविदा, दैनिक वेतनभोगी, एकमुश्त पारिश्रमिक तथा आउट सोर्स पर कार्यरत कर्मियों को उनके कार्य अनुभव, विभागीय कार्य प्रणाली की समझ एवं दक्षता को ध्यान में रखते हुए प्रतियोगी परीक्षा में यह वेटेज दिया जाएगा।
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