द फॉलोअप डेस्क
भाकपा (माले) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा है कि झारखंड में JPSC एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं, क्लस्टर सिस्टम, छात्रवृत्तियों के वितरण में भारी गड़बड़ी तथा शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्र-युवा आंदोलन पूरी तरह न्यायसंगत और लोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनरत छात्र-युवाओं की आवाज़ दबाने के बजाय उनसे अविलंब बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

भर्ती में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी
मनोज भक्त ने कहा कि सरकार अपनी संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती। युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर चुप्पी या टालमटोल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार JPSC एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करे, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, क्लस्टर सिस्टम वापस ले, लंबित छात्रवृत्तियों का शीघ्र भुगतान करे और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था को दूर करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए। भाकपा (माले) ने यह भी कहा कि शिक्षा को सांप्रदायिक और वैचारिक हस्तक्षेप से मुक्त रखना लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। पार्टी ने शिक्षा नीति के भगवाकरण की कोशिशों पर रोक लगाने और विश्वविद्यालयों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने की मांग की।

छात्र-युवाओं के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है पार्टी
भाकपा (माले) ने स्पष्ट किया कि वह छात्र-युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी न्यायपूर्ण मांगों के समर्थन में हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी ने राज्य सरकार से अपील की कि वह टकराव का रास्ता छोड़कर संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही का रास्ता अपनाए तथा छात्र-युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बंद करे।