रांची:
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की अप्रत्याशित हार के बाद इंडिया गठबंधन के घटक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। गुरुवार को नतीजों के तुरंत बाद कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने आरजेडी और वामदल के विधायकों पर पैसों के लालच में क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया था। बाद में यही आरोप मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी दोहराया। अब आरोपों पर भाकपा माले का काफी लंबा-चौड़ा जवाब आया है।
पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बकायदा चिट्ठी लिखी गई है, जिसमें कांग्रेस के ही विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का संदेह जताया है। इतना ही नहीं, भाकपा माले ने यह भी आरोप लगाया है कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा अपने ही विधायकों की स्थिति से अवगत नहीं थे। पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कांग्रेस के विधायकों का नाम लिए बिना जुलाई 2022 के बहुचर्चित कैश कांड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि कैसे कथित तौर पर उनकी सरकार गिराने की साजिश रची गई थी।
सीपीआई (एमएल) ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की आपसी सार्वजनिक छीछालेदर भरी बयानबाजियों से समझा जा सकता है कि वे खुद पद और धन के लालच में किस स्तर तक गिर सकते हैं। वामदल ने कहा कि कांग्रेस के आरोप आखिर में कांग्रेस का ही पर्दाफाश कर रहे है।

भाकपा माले ने जनसंघर्ष को सर्वोपरि बताया
भाकपा माले ने कहा कि हम जनसंघर्ष को सर्वोपरि मानते हैं और हमारे नेताओं को पद या धन का लालच देकर नहीं खरीदा जा सकता। उन्होंने कहा कि देश को सांप्रदायिक औऱ पूंजीवादी ताकतों की गुलामी से आजादी दिलाने के लिए बीजेपी की संपूर्ण पराजय जरूरी है। लड़ाई से समझौता नहीं करने की बात कहते हुए मनोज भक्त ने कहा कि हम हर कुर्बानी के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने पुराने नेताओं मसलन डॉ. एके रॉय, गुरुदास चटर्जी, महेंद्र सिंह और धनीराम मांझी का उदाहरण देते हुए कहा कि हमने यातना सहकर, बलिदान देते हुए झारखंड की लड़ाई को परवान चढ़ाया है।

सीएम हेमंत से मामले की छानबीन की मांग
मनोज भक्त ने मुख्यमंत्री से इंडिया गठबंधन का नेता होने के नाते पूरे घटनाक्रम की छानबीन करने और कांग्रेस को उसकी गतिविधियों के लिए चेतावनी देने की मांग की है। वामदल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, आबुआ सरकार का हिस्सा होकर भी झारखंड में जल, जंगल और जमीन को लूटने वाले परिमल नाथवानी जैसे पूंजीवादी हितधारकों से हाथ मिलाने में नहीं हिचकती। कांग्रेस को झारखंड विरोधी प्रवृत्ति का बताते हुए भाकपा माले ने कहा कि इससे भाजपा विरोधी एकता कमजोर होती है।

प्रणव झा की हार से कलंकित हुआ झारखंड!
प्रणव झा की हार को झारखंड को कलंकित करने वाली घटना बताते हुए भाकपा माले ने कहा कि जब इंडिया गठबंधन ने फैसला किया था कि भाकपा माले के दोनों विधायक, अरुप चटर्जी और चंद्रदेव महतो कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को वोट करेंगे तो हमने उसी का अनुपालन किया है। भाकपा माले ने दावा किया है कि पोलिंग एजेंट हलधर महतो और गीता मंडल ने वोटिंग के बाद विधायकों का मतपत्र देखा और इसे सही पाया। भाकपा माले ने कहा कि हम इंडिया गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत के प्रति आश्वस्त थे।
गठबंधन को स्पष्टीकरण दे कांग्रेस पार्टी
भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने लिखा है कि नतीजों के तुरंत बाद कांग्रेस प्रत्याशी की शर्मनाक हार का ठीकरा आरजेडी और भाकपा माले पर फोड़ा पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि होना तो यह चाहिए था कि कांग्रेस पार्टी अपनी विफलता का स्पष्टीकरण गठबंधन को देती, लेकिन वह झूठे आरोप मढ़ने की राजनीति खेल रही है। मनोज भक्त ने आशंका जताई है कि कांग्रेस के विधायकों ने पहले ही ना केवल अपने उम्मीदवार बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व को भी धोखा देने की साजिश रच ली थी।
भाकपा-माले ने के. राजू पर लगाए संगीन आरोप
मनोज भक्त ने कांग्रेस पर क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगाते हुए के. राजू को भी इसमें संलिप्त होने का संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेसी पोलिंग एजेंट आरपीएन सिंह ने अतीत में क्या किया है, सब जानते हैं। मनोज भक्त ने सवाल किया कि, क्या के. राजू ने भाकपा माले और आरजेडी के सभी विधायकों का मतपत्र देखा है। उनको, कांग्रेस के विधायकों के मतों की सच्चाई बतानी चाहिए। मनोज भक्त ने कहा कि धोखा केवल गठबंधन के साथ नहीं हुआ है, बल्कि कांग्रेस ने झारखंड के साथ धोखा किया है।
भाकपा माले ने कांग्रेस को सबक सिखाने की मांग की और कहा कि कांग्रेस का झारखंड विरोधी चरित्र किसी से छिपा नहीं है।