द फॉलोअप डेस्क, रांची:
झारखंड में JPSC-JSSC में अनियमितता के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता कुमार राजा ने भारतीय जनता पार्टी पर लाशों पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा से जुड़े लोगों को अनपढ़ और असभ्य बताते हुए कुमार राजा ने छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को तिरंगा यात्रा के लिए अस्पताल से बाहर नहीं जाने देने के फैसले का बचाव किया है। भारतीय जनता पार्टी ने देवेंद्रनाथ महतो को तिरंगा यात्रा पर जाने से रोके जाने को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है और प्रशासन का तर्क है कि ऐसा उनकी सेहत और सुरक्षा के मद्देनजर किया गया है। गौरतलब है कि JPSC-JSSC में सुधार की मांग को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: On politics over student leader Devendra Nath Mahto being stopped from leaving the hospital, Congress leader Kumar Raja says, "BJP is a party that plays politics over dead bodies; they are uneducated and boorish... Consider this individual: he has been… pic.twitter.com/SflrrAnn28
— ANI (@ANI) August 15, 2026
सरकार स्थिति को लेकर संवेदनशील है!
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कांगेस नेता कुमार राजा ने बीजेपी को लाश पर राजनीति करने वाली अनपढ़ और असभ्य पार्टी बताते हुए कहा कि उस व्यक्ति (देवेंद्रनाथ महतो) के बारे में सोचिए। वह पिछले करीब 12 दिनों से भूखा है और सरकार के साथ बातचीत चल रही है। कुमार राजा ने कहा कि सरकार स्थिति को लेकर संवेदनशील है और अधिकारी नियमित रूप से उनसे मिल रहे हैं। कुमार राजा ने कहा कि हम भी उनसे (देवेंद्रनाथ महतो) मिल रहे हैं, क्योंकि हमें उनकी सेहत की चिंता है।
कुमार राजा ने तर्क दिया कि देवेंद्रनाथ महतो यदि मौजूदा मेडिकल कंडीशन में बाहर निकलते हैं तो उन्हें गंभीर दिक्कतें हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए राजनीतिक फायदा उठाने से ज्यादा जरूरी उनकी सेहत है। बीजेपी इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है।

तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए गतिरोध
गौरतलब है कि आज देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में आंदोलनरत छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो इसमें शामिल होना चाहते थे। दरअसल, अनशन की वजह से खराब सेहत के कारण उनको एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आज वहीं से एक वीडियो सामने आया, जहां देवेंद्रनाथ महतो और पुलिस पदाधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
कई छात्रों ने भी यह आरोप लगाया है कि सरकार देवेंद्रनाथ महतो को आंदोलनस्थल से दूर रखकर छात्र आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। वहीं, सरकार का तर्क है कि उन्होंने सेहत की स्थिति को लेकर यह फैसला किया है।