बिहार
11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने निकले छात्रों पर ब्रिटिश पुलिस की गोलीबारी में सात युवा शहीद हो गए थे। इन अमर बलिदानियों की याद में आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित शहीद स्मारक परिसर में आयोजित राजकीय समारोह में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने निकले छात्रों पर ब्रिटिश पुलिस ने गोली चलाई थी, जिसमें सात युवा शहीद हुए। ये सात शहीद थे- उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेंद्र सिंह और रामगोविंद सिंह।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 11, 2026
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ऐतिहासिक बलिदान की याद
उस दिन उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेंद्र सिंह और रामगोविंद सिंह सहित सात छात्रों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ तिरंगा लहराने का प्रयास किया था। पुलिस की गोली से ये सातों शहीद हो गए। इन वीरों को ‘सप्तमूर्ति’ के नाम से याद किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके त्याग और राष्ट्रभक्ति बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।
राजकीय समारोह में श्रद्धांजलि
शहीद स्मारक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी ने फूलों की मालाएं चढ़ाईं और शहीदों की स्मृति में नमन किया। समारोह में सप्तमूर्ति की मूर्तियों और स्मारक के समक्ष भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में इन शहीदों के बलिदान को याद किया।
प्रेरणा का स्रोत
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि स्वतंत्रता संग्राम के इन वीर सेनानियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। विकसित और समृद्ध बिहार के निर्माण में इनके आदर्शों को जीवित रखना जरूरी है। समारोह में मौजूद लोगों ने भी शहीदों को नमन किया।