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सीएम ने की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दी ये ज़िम्मेदारी

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द फॉनोआप डेस्क

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल्याणकारी योजनाओं को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में संचालित विकास योजनाओं और विधि व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सीएम ने पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में संचालित विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर अधिकारियों को कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कहा कि झारखंड के भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से सभी भलीभांति वाकिफ हैं। अगर आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतर नतीजे आएंगे। इस राज्य के विकास और यहां के निवासियों के हित में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी और दलित बहुल राज्य है। इनके साथ यहां के किसानों, मजदूरों, दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं, नौजवानों समेत कमजोर और वंचित वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। 

थोड़ा ज्यादा मेहनत करने की है जरूरत

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से थोड़ा ज्यादा मेहनत करने की अपिल की सीएम ने कहा कि झारखंड में खनिज समेत तमाम संसाधन मौजूद है, जो इस राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकता है। फिर भी झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता है।  इस लिए अधिकारी थोड़ा ज्यादा परिश्रम करें तो  झारखंड प्रगति की राह पर दौड़ेगा।

नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास को तेज करने की ज्यादा जरूरत

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित इलाकों के बारे में कहा की नक्सल प्रभावित इलाकों में सहाय योजना के तहत खेल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  पिछले दिनों पंचायत स्तर पर फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें लगभग 80 हजार खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।  इसके साथ इन खिलाड़ियों को सरकार की ओर से 80 हज़ार किट्स भी बांटे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में नक्सल गतिविधियां थोड़ी ज्यादा है। ऐसे में यहां विकास को और तेज करने की जरूरत है। नौजवानों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने में अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं, ताकि वे भटकाव रास्ते पर ना जाएं।

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बैंकों का नहीं मिल रहा है साथ

मुख्यमंत्री ने बैंकों के सहयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए बैंकों का सहयोग काफी मायने रखता है। लेकिन, यहां बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं। कई योजनाओं में सरकार खुद गारंटर है, फिर भी यहां के लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों को गति देना होगा । इसके लिए सरकार अपने स्तर पर हर संसाधन उपलब्ध कराएगी।

इस योजनाओं की समीक्षा की गई

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मनरेगा अन्तर्गत मानव दिवस सृजन, राजस्व न्यायालय, आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार, जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं एवं जिलों के विधि-व्यवस्था की समीक्षा की।

ये थे मौजूद

समीक्षा बैठक में मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बादल, मंत्री जोबा मांझी, चाईबासा विधायक, दीपक बिरुआमझगांव विधायक निरल पूर्ति,चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांवजगन्नाथपुर विधायक, सोनाराम सिंकू, कोलेबिरा विधायक  नमन बिक्सल कोंगारी, सिमडेगा विधायक भूषण बारा, विधायक सरायकेला, दशरथ गहराई, मुख्य सचिव, सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, डी.जी.पी नीरज सिन्हा, सचिव विनय चौबे, सचिव अबू बकर सिद्दीकी, सचिव अमिताभ कौशल, सचिव कृपानंद झा, सचिव प्रशांत कुमार, सचिव के श्रीनिवासन, आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर प्रवीण कुमार टोप्पो, आयुक्त कोल्हान मनोज कुमार, डी.आई.जी दक्षिणी छोटानागपुर अनीश गुप्ता