गिरिडीह:
JPSC-JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच जमकर विवाद हो गया। इस दौरान हुई मारपीट में 2 छात्र नेताओं के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है। दोनों का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। दरअसल, परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में गुरुवार को रांची में छात्रों की ओर से ऐलान किया गया था कि शुक्रवार को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा। इसी कार्यक्रम के तहत गिरिडीह में छात्र और छात्र नेता झंडा मैदान में जुटे थे। वे पुतला लेकर टावर चौक की ओर निकलने की तैयारी में थे।

झामुमो कार्यकर्ताओं और छात्रों में कैसे हुआ विवाद!
कहा जा रहा है कि इसी बीच झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित कई JMM कार्यकर्ता झंडा मैदान पहुंचे और छात्रों को पुतला दहन करने से रोकने लगे। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। छात्र नेताओं का आरोप है कि JMM कार्यकर्ताओं ने झामुमो के झंडे और डंडे का इस्तेमाल करते हुए उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि छात्र नेताओं को झंडा मैदान में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इस दौरान 2 छात्र नेता गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

गिरिडीह के झंडा मैदान में अफरा-तफरी का माहौल
घटना के बाद झंडा मैदान में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। छात्रों में घटना को लेकर आक्रोश देखा गया। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों के साथ मारपीट कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। वहीं, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्र नेताओं ने कहा कि JPSC-JSSC CGL मामले में कथित गड़बड़ी के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी। बताया जा रहा है कि झामुमो के कार्यकर्ता केंद्र के खान एवं खनिज संशोधन विधेयक जबकि छात्र नेता भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे थे।