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समर्थकों के साथ बोकारो विधायक श्वेता सिंह हिरासत में, बीएसएल के अधिकारियों से विफल रही वार्ता

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द फॉलोअप डेस्कः 
बीएसएल में नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में प्रेम महतो की मौत के बाद बोकारो में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। प्रदर्शनकारियों ने हर रास्ते पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। बोकारो विधायक श्वेता सिंह के नेतृत्व में बंद समर्थकों ने 4 गाड़ियों में आग लगा दी। एक दुकान को भी आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने विधायक श्वेता सिंह समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। 


डीसी विजया जाधव व पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने जिला वासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही कहा कि विधि व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डीसी विजया जाधव ने देर शाम बोकारो विधायक श्वेता सिंह, डुमरी विधायक जयराम महतो, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, निरसा विधायक अरूप चटर्जी सहित स्थानीय विस्थापित नेता और बीएसएल के कई अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन बातचीत विफल रही।


विस्थापितों ने मृतक के परिजनों को 50 लाख मुआवजा, नौकरी तथा अप्रेंटिस किए 1500 विस्थापितों को नौकरी देने का प्रस्ताव रखा। इस पर BSL प्रबंधन ने विचार करने का समय मांगा। त्वरित फैसला नहीं होने से विस्थापित वार्ता से बाहर निकल गए। जब वार्ता सफल नहीं हुई तब विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि बीएसएल से लड़ाई जारी रहेगी। वह वार्ता से निकल कर धरनास्थल पहुंच गई। इसके बाद चास अनुमंडल में धारा 163 लगा दिया गया। धारा लागू होते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रेस हो गए। बीएनएस की धारा 170 की प्रयोग करते हुए बीएस सिटी पुलिस ने इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास के नेतृत्व में बोकारो विधायक श्वेता सिंह को समर्थकों के साथ हिरासत में ले लिया। उन्हें सर्किट हाउस में रखा गया है।