द फॉलोअप, रांची
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का स्थापना दिवस केवल उसकी स्थापना का स्मरण नहीं, बल्कि उसकी गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों का उत्सव होता है। उन्होंने कहा कि बीआईटी मेसरा देश के अग्रणी तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और सात दशकों से अधिक समय से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान के पूर्व छात्र देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों, शिक्षण संस्थानों और अनुसंधान संगठनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाकर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। राज्यपाल बुधवार को BIT मेसरा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।

गंगवार ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक के तेज बदलाव का दौर है। ऐसे में तकनीकी संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ समाज की चुनौतियों का समाधान विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा को बहुविषयक, कौशल आधारित और नवाचार केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है, और बीआईटी मेसरा इस दिशा में नए मानक स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत-2047', 'आत्मनिर्भर भारत', 'स्टार्टअप इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', 'मेक इन इंडिया' और 'इंडिया एआई मिशन' जैसी पहलें देश को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनके सृजनकर्ता और वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से समृद्ध झारखंड में खनन, इस्पात, ऊर्जा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में अनुसंधान की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीआईटी मेसरा राज्य की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित कर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
