द फॉलोअप डेस्क
राज्य स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर प्रदेश कांग्रेस द्वारा धरती आबा के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोकर स्थित बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर प्रदेश प्रभारी के राजू और अन्य नेताओं द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इसके बाद रामपुर बाजार, नामकुम स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया। यहां काफी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद थे। सभा को संबोधित करते हुए के राजू ने कहा कि झारखंड स्थापना का मूल उद्देश्य आदिवासी समाज को उनका संवैधानिक अधिकार, जल, जंगल और जमीन की रक्षा और सम्मान दिलाना था। कांग्रेस पार्टी और महागठबंधन ने CNT–SPT जैसे कानूनों, पेसा कानून और वनाधिकार जैसे प्रावधानों के माध्यम से आदिवासी समाज की अस्मिता और अधिकारों को संरक्षित किया है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा है।

उन्होंने ने कहा कि झारखंड की 25 साल की यात्रा बताती है कि यह राज्य तभी प्रगति करेगा जब आदिवासी समाज को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी मिलेगी। जल-जंगल-जमीन पर पहला अधिकार यहाँ के मूल निवासियों का है और कांग्रेस इस अधिकार की लड़ाई को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी। महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी महिलाओं ने हमेशा समाज को दिशा दी है। कांग्रेस पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक अवसरों के माध्यम से महिलाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि धरती आबा की विचारधारा हमारे संगठन की आत्मा है। झारखंड का सम्मान तभी सुरक्षित रहेगा जब हम उनके संघर्ष और मूल्यों को जमीनी स्तर पर लागू करें। प्रदेश कांग्रेस हर आदिवासी परिवार की आवाज बनेगी और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु लगातार संघर्ष करेगी। सह-प्रभारी डॉ बेला प्रसाद ने कहा कि बिरसा मुंडा की जयंती हमें न्याय और संघर्ष की उस परंपरा की याद दिलाती है जिसने पूरे देश को दिशा दी। आज स्थापना दिवस पर हमें एक समतामूलक, संवेदनशील और अधिकार–सम्मानित झारखंड के लिए एकजुट होना होगा।

कार्यक्रम में विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कचछप,राजेश ठाकुर, सुबोध कांत सहाय, डॉ प्रकाश, रविंद्र सिंह, राजीव रंजन प्रसाद, राकेश सिन्हा, सतीश पौल मुंजनी, अमूल नीरज खलखो, गजेंद्र सिंह, केदार पासवान, शांतनु मिश्रा, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ राकेश किरण महतो, कुमार राजा, डॉ तौसीफ, सोमनाथ मुंडा, शाहबाज अहमद, माधव कश्यप, विजय टोप्पो, कल्याण लिंडा, लक्ष्मण लकड़ा चामू बेक, अंजू लकड़ा, रानी कुजूर, मरियम लकड़ा, आशा लकड़ा इत्यादि कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और कांग्रेसजन शामिल हुए।
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