द फॉलोअप डेस्क, रांची:
झारखंड लोक सेवा आयोग (JSPC) और झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ आज राजधानी रांची में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। अभ्यर्थियों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक संविधान मार्च निकाला और फिर वहीं धरना प्रदर्शन करने लगे। अल्बर्ट एक्का चौक पर अभ्यर्थियों का हुजूम देखा जा सकता है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस आंदोलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं का सवाल अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली और नौकरी बेचे जाने के विरोध में रांची की सड़कों पर उमड़ा युवाओं का यह जनसैलाब इस बात का स्पष्ट संदेश है कि अब अन्याय और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवा विरोधी हेमंत सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 29, 2026
झारखंड में कांग्रेस-झामुमो सरकार… pic.twitter.com/X9EZWrFUvv
सड़क पर उमड़ा युवाओं का जनसैलाब
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली और नौकरी बेचे जाने के विरोध में सड़कों पर उमड़ा युवाओं का यह जनसैलाब इस बात का स्पष्ट संदेश देता है कि अब अन्याय और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि युवा विरोधी सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस-झामुमो सरकार सुनियोजित षड्यंत्र के तहत भर्ती आयोगों में भ्रष्ट अधिकारियों और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों के माध्यम से युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करती है।

14वीं जेपीएससी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी
गौरतलब है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा की पीटी परीक्षा में धांधली का आरोप लगा। आरोप लगा कि कम नंबर लाने वाले अभ्यर्थियों को भी सफल घोषित कर दिया गया। आरोप लगे कि आयोग के चेयरमैन एल खियांग्ते को मामले की जानकारी थी, लेकिन वह चुप रहे। सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एल खियांग्ते पद से इस्तीफा दे चुके हैं। सीआईडी ने उनसे भी 2 दिन तक पूछताछ की है।
बाबूलाल मरांडी ने मांगा किसका इस्तीफा
बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि झारखंड का युवा चुप नहीं बैठेगा। युवाओं के सवालों का जवाब देना होगा। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी शीर्षस्थ सत्तासीन लोगों को गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना होगा।