द फॉलोअप डेस्क
देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन की पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले के बीच देशभर से पहुंचे लाखों कांवरिये आधी रात से ही जलार्पण के लिए कतार में खड़े हैं। मंदिर तक पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की लाइन करीब 5 किलोमीटर लंबी हो गई है। पूरा देवघर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। जिला प्रशासन का अनुमान है कि सोमवार को करीब ढाई लाख श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करेंगे।

108 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद बाबा के दरबार में पहुंचे श्रद्धालु
सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर लगभग 108 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी करने के बाद कांवरिये देवघर पहुंचे। श्रद्धालु नंदन पहाड़, बरमसिया बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, शिवराम झा चौक, नेहरू पार्क, मानसरोवर क्यू कॉम्प्लेक्स और फुट ओवर ब्रिज होते हुए संस्कार भवन मार्ग से मंदिर पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए गर्भगृह के बाहर अरघा की व्यवस्था की गई है, जबकि बुजुर्गों, दिव्यांगों और लंबी कतार में खड़े होने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए बाह्य अरघा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

विशेष पूजा और फूलों से सजा बाबा मंदिर
सोमवार तड़के करीब तीन बजे मंदिर के पट खोले गए। कांचा जल पूजा और सरदार पंडा द्वारा पारंपरिक सरदारी पूजा संपन्न होने के बाद सुबह करीब 4:15 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और जलार्पण शुरू हुआ। पहली सोमवारी के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। पश्चिम बंगाल से मंगवाए गए गेंदा, गुलाब, नीली रोजमेरी समेत विभिन्न सुगंधित फूलों और बेलपत्र से मंदिर के शिखर, मुख्य द्वार और पूरे परिसर को आकर्षक स्वरूप दिया गया है। सरदार पंडा ने बताया कि सोमवारी के दिन गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शीघ्र दर्शनम कूपन रहे बंद
पहली सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रविवार और सोमवार के लिए शीघ्र दर्शनम कूपन की सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, ताकि एक ही कतार से सुचारु जलार्पण कराया जा सके। मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी 24 घंटे निगरानी करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।