द फॉलोअप, रांची
झारखंड में अनुबंध पर कार्यरत सहायक पुलिस कर्मियों को कैबिनेट की अगली बैठक में अनुबंध विस्तार मिल सकता है। कैबिनेट की 25 अगस्त को बैठक बुलायी गयी है। अनुबंध विस्तार को लेकर गृह विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब उस पर वित्त और विधि विभाग का मंतव्य लेते हुए कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी। मालूम हो कि राज्य के 12 नक्सल प्रभावित जिलों में कार्यरत 2,200 सहायक पुलिसकर्मियों का अनुबंध समाप्त होने की स्थिति में है। अलग अलग जिलों में अलग अलग तिथियों को संविदा पर रखे गए सहायक पुलिसकर्मियों के अनुबंध की अवधि समाप्त अगस्त के प्रथम सप्ताह से समाप्त होने लगी है।

झारखंड के नक्सल प्रभावित 12 जिलों में वर्ष 2017 में तत्कालीन सरकार ने सहायक पुलिसकर्मियों की संविदा के आधार पर बहाली की थी। इनका उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस को सहयोग देना था। वर्तमान में सहायक पुलिसकर्मी दुमका, पलामू, गढ़वा, लातेहार, गिरिडीह, चतरा, सिमडेगा, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में तैनात हैं। अनुबंध की अवधि समाप्त होने लगी है। इससे सहायक पुलिस कर्मियों में नौकरी जाने की चिंता सताने लगी है। सहायक पुलिसकर्मियों का कहना है कि वे अपनी पीड़ा को मंत्री, विधायक और संबंधित जिले के एसपी को बयां कर रहे हैं। लिखित रूप में दे रहे हैं। लेकिन सरकार के स्तर पर अब तक कोई पहल नहीं की गयी है।
