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नाथवानी के जरिए महागठबंधन में फूट डालकर सरकार गिराने की थी साजिश- अंबा प्रसाद

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रांची:

बड़कागांव से कांग्रेस पार्टी की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी पर परिमल नाथवानी के जरिए महागठबंधन में फूट डालकर झारखंड सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अंबा प्रसाद ने कहा कि परिमल नाथवानी को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इसलिए उतारा ताकि भारतीय जनता पार्टी हॉर्स ट्रेडिंग के सीधे आरोपों से बच सके। उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि परिमल नाथवानी अतीत में भाजपा की तरफ से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और हर कोई जानता है कि वह बीजेपी के आदमी हैं।

गौरतलब है कि परिमल नाथवानी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में झारखंड में राज्यसभा चुनाव में नामांकन दाखिल किया था और उन्हें एनडीए का समर्थन मिला। एनडीए के पास महज 24 ही विधायक थे,  लेकिन उन्हें 28 मत मिले। इससे स्पष्ट हो गया कि सत्ताधारी दल के कुछ विधायकों ने परिमल नाथवानी के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग कर दी। 

 

गठबंधन को तोड़ने का प्लान था!
अंबा प्रसाद ने कहा कि झारखंड में गठबंधन की राजनीति चलती है। इंडिया गठबंधन की सरकार चल रही है और किसी को भी संदेह नहीं था कि सत्ताधारी दल के विधायक क्रॉस-वोटिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि नतीजों से ऐसा नहीं लगता है कि झामुमो की वजह से कांग्रेस के उम्मीदवार हार गए हैं। हमने बड़े विश्वास के साथ प्रत्याशी उतारा था। हालांकि, अंबा प्रसाद ने सीधे तौर पर सहयोगी दलों मसलन, आरजेडी या भाकपा (माले) पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।  दरअसल, नतीजों के तुरंत बाद ही झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने आरजेडी और भाकपा (माले) के विधायकों पर क्रॉस-वोटिंग करने का आरोप लगाया था। 

विपक्ष रहित सदन चाहती है भाजपा!
अंबा प्रसाद ने कहा कि बीजेपी ने एक राज्यसभा सीट को जीतने और सरकार को अस्थिर करने की साजिश के तहत निर्दलीय प्रत्याशी को मैदान में उतारा जो एक कारोबारी है। कारोबारी के जरिए फंड जुटाकर दूसरे निर्दलीय उम्मीदवारों और किसी ना किसी दल से जुड़े सदस्यों को अपने पाले में लाया गया। उन्होंने कहा कि यह सब गठबंधन में फूट डालने और सरकार गिराने की रणनीति के तहत किया गया। अंबा प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक यही चल रहा है। वे विपक्षरहित लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा चाहते हैं। 

56 नहीं 50 विधायकों के नेता हैं हेमंत सोरेन!
गौरतलब है कि आज ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 56 नहीं बल्कि 50 विधायकों के मुखिया हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाकी 28 विधायकों के नेता पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी हैं। सुप्रियो  भट्टाचार्य ने कहा कि जिन 3 विधायकों का वोट अमान्य हुआ है, वे फिलहाल विचाराधीन हैं। 

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