नंदलाल तुरी/पाकुड़:
Jharkhand News: पाकुड़ (Pakur) सदर प्रखंड अंतर्गत रहसपुर पंचायत की मुखिया गीता कुमारी माल (Geeta Kumari Maal) ने पंचायत भवन निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। मुखिया का आरोप है कि पंचायत भवन की नई बिल्डिंग में गिट्टी की जगह स्टोन डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीमेंट भी कम मात्रा में इस्तेमाल की जा रही है और प्राक्कलन की भी अनदेखी की जा रही है। रहसपुर पंचायत की मुखिया गीता कुमारी ने बकायदा उपायुक्त मेघा भारद्वाज को लिखित आवेदन देकर पंचायत भवन निर्माण कार्य की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
मुखिया गीता कुमारी माल के मुताबिक, ग्रामीणों ने उनसे पंचायत भवन निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत की थी। मुखिया का दावा है कि शिकायत पर संज्ञान लेकर उन्होंने खुद कार्यस्थल का निरीक्षण किया। ढलाई की गुणवत्ता जांचने पर पाया कि गिट्टी की जगह स्टोन डस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने जेई को भी इसकी तस्वीर भेजी है।

ठेकेदार ने स्टोन डस्ट के इस्तेमाल पर क्या कहा!
मुखिया का आरोप है कि जेई ने ठेकेदार से बात करने की बात कही। जब उन्होंने ठेकेदार से इस संबंध में सवाल किया तो ठेकेदार ने कथित तौर पर जवाब दिया कि गिट्टी और बालू महंगा पड़ता है, इसलिए डस्ट मिलाकर काम कराया जा रहा है। इससे खर्च में बचत होगी। मुखिया ने इस तरीके से निर्माण कराने पर आपत्ति जताते हुए काम बंद करने को कहा, लेकिन उनके मुताबिक इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया। उपायुक्त को दिए गए आवेदन में मुखिया ने ढलाई के अलावा निर्माण की बुनियादी गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भवन की नींव के लिए निर्धारित तरीके से खुदाई किए बिना ही मिट्टी के ऊपर दीवार खड़ी कर दी गई है।
बीम की ढलाई में भी निर्धारित मात्रा से कम गिट्टी और सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही निर्माण कार्य में प्राक्कलन के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है।

पंचायत भवन निर्माण स्थल पर नहीं लगा है सूचना पट
मुखिया ने आरोप लगाया है कि पंचायत भवन का कार्ड टेंडर द्वारा किया जा रहा है तथा कार्यस्थल पर सूचना पट भी नहीं लगाने के आरोप लगाया है। मुखिया ने जिला प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री और ढलाई की गुणवत्ता की जांच करने तथा अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले पर जूनियर इंजीनियर से बात करने पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है कार्य के सारे मापदंड अपनी जगह सही है एवं सारे आरोप बेबुनियाद हैं।