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पांकी में इलाज के क्रम में 7 साल के बच्चे की मौत, निजी क्लीनिक पर लापरवाही का आरोप; डॉक्टर का इनकार

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खुशी ठाकुर/पलामू:

पलामू के पांकी थानाक्षेत्र में गजबोर के एक निजी क्लीनिक में कथित तौर पर इलाज में लापरवाही की वजह से 7 साल के बच्चे की मौत हो गई। पांकी बस्ती के रहने वाले अमित कुमार के 7 साल के बच्चे हर्ष को इलाज के लिए डॉ. वीरेंद्र कुमार के क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान हर्ष की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और डालटनगंज ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गई। वहीं, क्लीनिक के संचालक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इलाज में लापरवाही बरतने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार था, और उसे घर भेज दिया गया था। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि घर पर बच्चे के साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। 

पेट दर्द की शिकायत पर कराया था भर्ती
परिजनों ने बताया कि हर्ष को पेट दर्द की शिकायत पर पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। सीएचसी में डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। घरवाले हर्ष को गजबोर में स्थित डॉ. वीरेंद्र कुमार के क्लीनिक में ले गये, जहां इलाज शुरू किया गया। परिजनों का आरोप  है कि इलाज के दौरान बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई। बच्चे की हालत में सुधार नहीं होता देख उसे मेदिनीनगर ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।  हर्ष की मौत से परिवार में कोहराम मच  गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अक्सर ऐसे निजी क्लीनिकों में योग्य डॉक्टर नहीं होते, जिसका खामियाजा मरीजों की मौत से चुकाना पड़ता है। 

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आरोपों से इनकार किया
क्लीनिक के संचालक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चा उनकी क्लीनिक में इलाज के लिए आया था। जरूरी जांच की गई और उपचार के बाद हालत ठीक लगने पर घर भेज दिया गया। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने जानकारी दी है कि अगले दिन परिजन हर्ष को दोबारा क्लीनिक लाए और इस बार भी उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। डॉक्टर का कहना है कि क्लीनिक से घर भेजे जाने के बाद बच्चा कहां कहा या उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी उनको नहीं है। 

क्लीनिक पर स्थानीय लोगों का दावा क्या है
दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने यह दावा किया है कि डॉ. वीरेंद्र कुमार चतरा जिले में आयुष चिकित्सक के रूप में पदस्थापित हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि चतरा में नियमित ड्यूटी के बीच डॉ. वीरेंद्र कुमार पांकी में निजी क्लीनिक का संचालन कैसे करते हैं। गौरतलब है कि डॉ. वीरेंद्र कुमार के चतरा में आयुष चिकित्सक के रूप में पदस्थापना की पुष्टि किसी भी सक्षम प्रशासनिक या विभागीय अधिकारी ने नहीं की है।

 

पांकी सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी ने क्या कहा!
इस मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव से संपर्क किया गया तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि यदि परिजनों द्वारा आवेदन दिया गया है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। समाचार लिखे जाने तक मामले में किसी प्रशासनिक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

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