रांची :
रांची सहित राज्य भर में बिना नक्शा के बने हुए भवन अब नियमित होंगे। मतलब अब अवैध रूप से बने भवनों को नहीं तोड़ा जाएगा। निगर विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इसको लेकर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताया है। सरकार के इस निर्णय को लेकर झारखंड चैंबर ने कहा है कि उनके आग्रह पर नगर विकास विभाग (झारखंड सरकार) द्वारा राज्य के शहरी क्षेत्रों में किए गए अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने के लिए दिनांक 21/10/2022 को निर्गत अधिसूचना में से आवासीय शब्द को हटा लिया है। विभाग द्वारा निर्गत किए गए अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि अब राज्य में अब तक निर्मित सभी प्रकार की भवनों को रेगुलराइज किया जाएगा।

चैंबर ने बताया राहत भरा फैसला
हेमंत सरकार के इस निर्णय को चैंबर ने राहत भरा फैसला बताया। चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यसभा सांसद महुआ मांझी और नगर विकास विभाग के सचिव विनय चौबे के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस राहत भरे फैसले से लाखों लोग लाभान्वित होंगे। सरकार को इस निर्णय के लिए उन्होंने धन्यवाद दिया।

20 अक्टूबर को सीएम से हुई थी मुलाकात
झारखंड चैंबर ने राज्यसभा सांसद महुआ मांझी के साथ 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उनसे मिलकर राज्य में वर्षों से बनी हुई इस समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकृति देते हुए यह आश्वास्त किया था कि कोई भी भवन तोड़े नहीं जाएंगे। नगर विकास विभाग द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर एक उच्च स्तरीय कमिटी का गठन भी कर दिया गया। हालांकि पूर्व की अधिसूचना में केवल आवासीय भवनों को नियमित करने का उल्लेख था। जिसपर झारखंड चैंबर ने पुनः विभागीय सचिव और राजयसभा सांसद महुआ मांझी से समन्वय बनाकर सभी प्रकार की संरचनाओं को नियमित करने का आग्रह किया था। चैंबर महासचिव डॉ. अभिषेक रामाधीन ने कहा कि विभाग के इस निर्णय से राज्यवासी उत्साहित हैं।