रांची:
रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने वाले लोहरदगा के अमन अंसारी का फोन नंबर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को लोहरदगा के अली ने दिया था। अमन अंसारी उर्फ गोलू से हुई पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। अमन अंसारी ने बताया कि अहमद अली भी पाकिस्तान और दुबई में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था। अमन अंसारी ने बताया कि ईद के वक्त अली से मुलाकात हुई थी और उसने ही उसका यानी अमन अंसारी का मोबाइल नंबर पाक हैंडलर शाहबाज आलम उर्फ भट्टी और आवेश राजपूत उर्फ राणा को दिया था। अली अहमद ने ही कहा था कि उनका (शाहबाज आलम और आवेश राजपूत) का फोन आए तो बातचीत करना। अली ने अमन से यह भी कहा था कि वे लोग तुमसे मुलाकात भी करना चाहते हैं।

5 जून को पाक हैंडलर्स ने किया था फोन कॉल
पूछताछ में अमन अंसारी ने पुलिस को बताया कि अली अहमद से मुलाकात के कुछ दिनों बाद ही उसके मोबाइल फोन पर हैंडलर्स का फोन कॉल आया। 5 जून को आवेश राजपूत ने व्हाट्सअप कॉल पर उससे बातचीत की और कहा कि संपर्क बनाए रखे। एटीएस अब कॉल डिटेल के आधार पर नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

लोहरदगा के अली की हमले में कितनी भूमिका
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में भी जुटी है कि अहमद अली की भूमिका केवल मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने तक थी या अन्य गतिविधियों में भी वह शामिल था। हैंडलर और अमन के बीच बातचीत का उद्देश्य क्या था। इन सबके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। क्या ये पहले भी ऐसी किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल थे।
अहमद, आवेश और भट्टी का कनेक्शन क्या है
अब पुलिस अहमद, आवेश और भट्टी के बीच का कनेक्शन खंगाल रही है। खुलासा हुआ तो पूरे नेटवर्क और उनकी कार्यप्रणाली को समझने में सहायता मिलेगी। गौरतलब है कि रांची के चुटिया थानाक्षेत्र में निवारणपुर स्थित आरएसएस के दफ्तर में 17 जून की रात को 2 हमलावरों ने पेट्रोल बम फेंका था। पुलिस ने इस केस में अमन अंसारी, सयाम सुजान और सैफ अंसारी को गिरफ्तार किया है। तीनों पुलिस की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आरंभिक तौर पर यह जानकारी मिली है कि तीनों किसी आतंकी संगठन से जुड़े थे।
दुबई में रची गई थी रांची में हमले की साजिश
पुलिस को आरंभिक जानकारी मिली है कि रांची के आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल हम से हमले की साजिश आईएसआई और टीटीएच नाम के आतंकी संगठन ने मिलकर रची थी। हमले का प्लान दुबई में बना था। पहले पंजाब से हथियार लाकर रांची में बड़े हमले की साजिश रची गई थी, लेकिन सही वक्त पर हथियार नहीं मिलने पर पेट्रोल बम के धमाके से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दफ्तर को दहलाने की साजिश रची गई थी। आगे कानपुर और लखनऊ पर भी हमले की साजिश रची गई थी, लेकिन पुलिस की तत्परता से हमलावर पकड़े गए।