रांची
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि चुनाव आयोग पर कांग्रेस और उनके नेता राहुल गांधी द्वारा लगाया जा रहा आरोप दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। आज चुनाव आयोग के द्वारा जारी आधिकारिक बयान ने राहुल गांधी और विपक्षी पार्टियों के सारे आरोपों की पोल खोल कर रख दी है। आयोग ने साफ कहा है कि SIR को लेकर जितने भी फैसले लिए गए, सभी फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। चुनाव आयोग ने आज पूरा मामले का दुध का दुध और पानी का पानी कर दिया है। साहू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी SIR की पूरी प्रक्रिया को उचित माना है। कोर्ट में इसे चुनौती देने कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीएम गई थी और टीएमसी ने तो दर्जनों केस किए थे और सभी को सुनने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को ओके कह दिया है। साहू ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अपनी नाकामियों का ठीकरा इसी प्रकार फोड़ते हैं। जो असली बीमारी है, उसकी ये लोग बात नहीं करते। ये लोग कभी नहीं स्वीकारते कि इनके इसी प्रकार की ऊटपटांग हरकतों के कारण पूरे देश की जनता ने इन्हें पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कहा कि अपनी इसी कारगुजारियों के कारण राहुल गांधी नॉन सीरियस पॉलिटिशियन बनकर रह गए हैं।

कांग्रेस को जीरो सीटें मिलीं तो बवाल मचाने लगी
साहू ने कहा कि बंगाल में SIR के बाद ममता बनर्जी साफ हो गई, कांग्रेस को भी जीरो सीटें मिलीं, तो ये लोग बवाल मचाने लगे लेकिन इसी एसआईआर को केरल कांग्रेस ने सही माना। उसी की वजह से कांग्रेस को वहां जीत मिली। क्योंकि वामपंथियों ने जो अवैध रूप से नकली वोटर्स घुसाए थे, वह SIR में निकल गए और कांग्रेस जीत गई। मतलब आप जहां जीते, वहां सब ठीक और जहां हारे वहां सब गलत। कांग्रेस और विपक्षी दलों का यह दोहरा चरित्र नहीं तो क्या है? साहू ने कहा कि कहीं न कहीं राहुल गांधी के भीतर प्रधानमंत्री न बन पाने की जलन बार-बार दिखाई देती रही है। इसके लिए जमीन पर मेहनत करनी पड़ती है। जनता से जुड़ना पड़ता है। राहुल गांधी और कांग्रेस की जो हरकत है कि इस जन्म में वे कभी भी जनता का दिल और भरोसा नहीं जीत सकते हैं। सच्चाई यह है कि जहां-जहां राहुल गांधी के कदम पड़ते हैं वहां-वहां भट्ठा बैठ जाता है।
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