बेरमो
मताधिकार (Right to Vote) के संवैधानिक अधिकार (Constitutional Right) पर हमला बंद करो। एसआईआर (SIR) की आड़ में चुनावी धांधली (Electoral Fraud) बंद करो, मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को बर्खास्त करो, 12 घंटे काम कानून (12-Hour Work Law) वापस लो, गुजरात (Gujarat) से प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) का बाहर पलायन क्यों, मोदी सरकार (Modi Government) जवाब दो कि नारे के साथ ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (All India Central Council of Trade Unions-AICTU) की बेरमो कमिटी (Bermo Committee) ने पूर्व निर्धारित देशव्यापी कार्यक्रम (Nationwide Programme) के तहत बेरमो कोयलांचल (Bermo Coalfield) के कारगली गेट (Kargali Gate) पर विरोध प्रदर्शन (Protest Demonstration) किया। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ऐक्टू कार्यकर्ताओं (AICTU Workers) और ग्रामीण मजदूरों (Rural Labourers) ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शन में लगे ये नारे
मताधिकार के संवैधानिक अधिकार पर हमला बंद करो। SIR की आड़ में चुनावी धांधली बंद करो, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो, 12 घंटे काम कानून वापस लो, गुजरात से प्रवासी मजदूरों का बाहर पलायन क्यों मोदी सरकार जवाब दो कि नारे के साथ ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) बेरमो कमिटी ने पूर्व निर्धारित देशव्यापी कार्यक्रम के तहत बेरमो कोयलांचल के कारगली गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ऐक्टू कार्यकर्ताओं और ग्रामीण मजदूर शामिल हुए।

मजदूरों पर हुए झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग
गांधी चौक करगली गेट में विरोध प्रदर्शन के माध्यम से लेबर कोड और गुजरात नोएडा मानेसर में प्रवासी मजदूरों पर हुए झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग किया गया। ऐक्टू के प्रदेश सचिव भुवनेश्वर केवट ने कहा कि नागरिकों के मताधिकार को सुरक्षित करने के बजाय SIR के द्वारा नागरिकता के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। सत्ता पक्ष चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने सारे कायदे कानून की धज्जियां उड़ा दी है। इस लिए ज्ञानेश कुमार को अब पद पर बने रहना लोकतंत्र के लिए घातक है।

मोदी का गुजरात मॉडल पूरी तरह से ध्वस्त
कहा कि मोदी का गुजरात मॉडल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है गुजरात से प्रवासी मजदूरों का पलायन इसके ताजा सबूत है। 12 घंटे काम कानून लेबर कोड वापस नहीं हुआ तो मोदी सरकार को ही बुरे दिन देखने होगें। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम को ऐक्टू नेता रघुबीर राय, असंगठित मजदूरों के नेता बालेश्वर यादव, माले नेता पंचानन मंडल, कोयला मजदूर यूनियन सीएम डब्ल्यू के नेता अजय रविदास ने संबोधित किया कार्यक्रम में लखन नायक खूबलाल नायक, रूपलाल केवट, रवि तुरी सुरेंद्र गांधी, अर्जुन नायक, अशोक मोहली,गोपाल मांझी, गुजर सिंह, जीतन केवट, श्याम केवट, बुटुल अंसारी, डुलू केवट, विकास आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
