जामताड़ा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जामताड़ा जिला इकाई ने राज्य में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं एवं परिणामों में हुई कथित गड़बड़ियों, अनियमितताओं और धांधली के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन का आगाज कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन जामताड़ा महाविद्यालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। अभाविप का मानना है कि परीक्षा परिणामों, OMR शीट मूल्यांकन में कथित हेरफेर, अधिकारियों की गिरफ्तारियों और निजी एजेंसियों की संदिग्ध भूमिका ने राज्य की भर्ती प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नुकसान राज्य के गरीब, दलित, जनजातीय और वंचित वर्ग के उन मेधावी युवाओं को उठाना पड़ रहा है, जो वर्षों से इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।

सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए
युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की बहाली के लिए अभाविप ने मांग की है कि JPSC एवं JSSC की विवादित परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर संपूर्ण मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाने के लिए इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो। पूरी गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री जिनके पास शिक्षा मंत्री का भी जिम्मा है तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को किसी भी हाल में समाप्त न किया जाए। आगामी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः डिजिटल ऑडिट योग्य और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

यह लड़ाई झारखंड के लाखों युवाओं के न्याय और प्रतिभा के सम्मान की है
वहीं अभाविप के जिला संयोजक संजय मंडल ने कहा कि यह लड़ाई झारखंड के लाखों युवाओं के न्याय और प्रतिभा के सम्मान की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद इस मुद्दे पर हस्ताक्षर अभियान, परिसर प्रदर्शन, मानव श्रृंखला, एक दिवसीय भूख हड़ताल और मशाल जुलूस जैसे लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। यदि सरकार जल्द ही इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तो अभाविप राज्यव्यापी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान देवघर-जामताड़ा विभाग संयोजक चंदन रजक, नगर मंत्री प्रकाश यादव, कॉलेज अध्यक्ष ललन यादव, कृष्णा कुमार यादव और राहुल यादव समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।