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गिरिडीह के इस गांव में जलजमाव बनी विकट समस्या, बदबूदार दूषित पानी के बीच रहने को विवश हैं लोग

गिरिडीह के इस गांव में जलजमाव बनी विकट समस्या, बदबूदार दूषित पानी के बीच रहने को विवश हैं लोग

गिरिडीह:

गिरिडीह जिले के सरिया प्रखंड अंतर्गत सरिया खुर्द गांव में जलजमाव, गंभीर संकट का रूप ले चुका है। 500 की आबादी वाला यह गांव लंबे समय से जमा गंदे पानी की वजह से मुश्किल में है। लोग सड़ांध मारते दूषित पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। कई परिवार तो पीने का पानी खरीदते हैं। लोग बीमार पड़ रहे हैं। जलजमाव की वजह से सांप जैसे जहरीले जीवों का भी खतरा है। बारिश में यही गंदा पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। लोग खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि गंदगी की वजह से गांव के तालाब का पानी हरे रंग में तब्दील हो चुका है। मछलियां मर जाती है। पानी खेतों में घुसता है तो फसल भी खराब हो जाती है।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो जायेगी। सरिया खुर्द के समीप 2 स्कूलों के बच्चे और शिक्षक भी जलजमाव से परेशान हैं। 

स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी संकट
सरिया खुर्द के समीप स्थित दो विद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक भी जलजमाव की समस्या से प्रभावित हैं। गंदे पानी के बीच स्कूल आने-जाने में बच्चों को परेशानी हो रही है। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने में डर सता रहा है। एक ओर दूषित पानी और दूसरी ओर सांपों का खतरा, इन परिस्थितियों के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।

अब सिर्फ आश्वासन नहीं, चाहिए स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए जलजमाव की निकासी, साफ पेयजल की व्यवस्था और प्रभावित इलाके में आवश्यक सफाई एवं स्वास्थ्य संबंधी उपाय कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल जमा पानी हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जलजमाव के मूल कारण को चिन्हित कर स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

मामले को लेकर सरिया प्रमुख प्रीति कुमारी ने गिरिडीह उपायुक्त को अवगत कराया है और जल्द आवश्यक कार्रवाई कर प्रभावित लोगों को राहत दिलाने का आग्रह किया है।

अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह है कि 500 से अधिक लोगों को कब तक गंदे पानी, दुर्गंध, बीमारी और सांपों के खौफ के बीच रहने को मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है तत्काल राहत के साथ ऐसी स्थायी व्यवस्था हो, जिससे हर बरसात में सरिया खुर्द के लोगों को इसी संकट से दोबारा न जूझना पड़े।

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