द फॉलोअप डेस्क
झारखंड राज्य बीवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 68 हजार 400 लीटर बीयर को नष्ट किया है। अभी 1 लाख 11 हजार 600 लीटर बीयर और नष्ट किए जाएंगे। नष्ट किए जानेवाले कुल बीयर की मात्रा एक लाख 80 हजार लीटर है। इसकी कीमत 5.4 करोड़ रुपए है। एक्सपायर होनेवाले बीयर में किंगफिशर, अल्ट्रा लेजर, प्रूस्ट, कंगारु और हंटर ब्रांड सबसे अधिक है। होली से ठीक पहले इतनी बड़ी मात्रा बीयर को इसलिए नष्ट करना पड़ा है, क्योंकि यह एक्सपायर हो चुका था। पहले चरण में कॉरपोरेशन के नगड़ी स्थित गोदाम में रखे रखे एक्सपायर हो चुके 68000 लीटर बीयर को बर्बाद किया गया है। हालांकि इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसको चिह्नित नहीं किया जा सका है। जानकार सूत्र बताते हैं कि बीयर के एक्सपायरी का यह मामला केवल रांची का नहीं है। राज्य के अन्य जिलों में कमोबेस यही स्थिति है।

वैसे कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा आपूर्ति किए जाने के कारण बीयर एक्सपायर हुआ है। क्योंकि जाड़े में बीयर की खपत कम हो जाती है। लेकिन बीयर बनानेवाली कंपनियों ने खपत से अधिक बीयर की आपूर्ति कर दी। इससे कॉरपोरेशन को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नुकसान बीयर उत्पादक कंपनियों को हुई है। इसको लेकर शराब कारोबारियों के संघ ने सरकार और उत्पाद मंत्री को कई सुझाव भी दिए हैं। उसमें एक्सपायरी तिथि से 60 दिन पहले संबंधित स्टाक का डिजिटल अलर्ट जारी करने की मांग की गयी है साथ ही एक्सपायरी से एक महीने पहले सरकार से बीयर को 50 फीसदी छूट पर बेचने की अनुमति की मांग की गयी है। इसके अलावा गोदाम में पहले आनेवाले बीयर को पहले बेचने की प्रक्रिया अपनाने का भी आग्रह है। यहां मालूम हो कि अलग अलग कंपनियों के बीयर 90 से 180 दिनों के भीतर एक्सपायर हो जाते हैं।
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