द फॉलोअप डेस्क
आदिवासी जनजाति समुदाय के विकास के लिए "आदि कर्मयोगी अभियान" का 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर नगर भवन में आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन लोहरदगा डीसी डॉ. ताराचंद, डीडीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
जनजातीय समाज के समग्र उत्थान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से “आदि कर्मयोगी अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत जनजातीय समुदाय के व्यक्तियों और संस्थाओं को सशक्त बनाना है ताकि वे स्वयं अपने सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा सकें।
लोहरदगा जिले में 45 स्वयंसेवी प्रशिक्षण ले रहे हैं, जो जिले के सभी 66 पंचायतों में पहुंचकर आदिवासी जनजाति समुदाय के समग्र विकास के लिए कार्य करेंगे। उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाएगा।
इस अभियान से जनजातीय समाज के बीच आत्मविश्वास, स्वावलंबन और सामाजिक परिवर्तन की एक नई ऊर्जा का संचार होगा। इसके माध्यम से न केवल व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि संस्थागत स्तर पर भी मजबूत और टिकाऊ ढांचा खड़ा होगा। सरकार की यह पहल एक बड़े आंदोलन के रूप में जनजातीय समाज को “सहायता पाने वाला” नहीं, बल्कि “सशक्त होकर परिवर्तन करने वाला” बनाएगी।
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