जामताड़ा
जामताड़ा जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार सुबह करीब 7:30 बजे वन विभाग की गश्ती टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नाला-मुर्गाबनी रोड पर नाकेबंदी की। इस दौरान भेलाडंगाल मोड़ के पास एक संदिग्ध सफेद रंग की टाटा पिकअप वैन को रुकने का इशारा किया गया। वाहन की सघन जांच करने पर वनकर्मियों के होश उड़ गए, क्योंकि गाड़ी के भीतर भारी मात्रा में अवैध कीमती लकड़ियां छिपाई गई थीं।
18 बोटे अर्जुन की लकड़ी बरामद
वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए वाहन पर अर्जुन प्रजाति की लकड़ी के 18 बोटे लदे हुए थे। वन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा मौके पर की गई पैमाइश के अनुसार, इस खेप की कुल मात्रा लगभग 3.2571 घनमीटर आंकी गई है, जिसकी बाजार में अच्छी-खासी कीमत बताई जा रही है।
कागजात न मिलने पर वाहन समेत कीमती लकड़ी जब्त
कार्रवाई के दौरान जब वन विभाग की टीम ने वाहन चालक से लकड़ी ले जाने से संबंधित वैध कागजात और परमिट की मांग की, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके अलावा, वाहन के अन्य जरूरी दस्तावेज भी नदारद थे। इसके बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय गवाहों की उपस्थिति में वन विभाग ने पूरी मुस्तैदी के साथ लकड़ी की नापी की और विधिवत जब्ती सूची तैयार की। जब्त की गई लकड़ियों और पिकअप वाहन को सुरक्षा घेरे में लेकर वन प्रक्षेत्र कार्यालय परिसर लाया गया है।
तस्करों की पहचान तेज, जल्द कसेगा शिकंजा
इस सफल छापेमारी अभियान में वन विभाग के प्रधान वनरक्षी पुलक कुमार माल, वनरक्षी जाफर मियां और होमगार्ड के जवान बापी दास सहित कई अन्य वनकर्मियों ने मुख्य भूमिका निभाई। वन विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में वन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल इस अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय मुख्य तस्करों और नेटवर्क की पहचान की जा रही है, ताकि क्षेत्र में पैर पसार रहे वन माफियाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।