सिमडेगा
सिमडेगा जिले में 108 एंबुलेंस सेवा के तहत कुल 13 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन वर्तमान में इनमें से 9 एंबुलेंस पूरी तरह से खराब होकर खड़ी हैं. इनकी हालत ऐसी है कि ये अपनी जगह से हिल भी नहीं सकतीं. वहीं, बाकी 4 एंबुलेंस भी केवल नाममात्र की ही चालू स्थिति में हैं. ये एंबुलेंस जिले के एक छोर से दूसरे छोर तक मरीजों को सही तरीके से पहुंचाने में सक्षम नहीं हैं और कभी भी रास्ते में खराब हो सकती हैं.
इन खराब और असमर्थ एंबुलेंसों के कारण जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है. सदर अस्पताल से जब किसी मरीज को रांची स्थित RIMS रेफर किया जाता है, तो मजबूरी में मरीजों को निजी और पेड एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है. बता दें कि गरीब मरीजों की सुविधा के लिए सरकार ने 108 एंबुलेंस सेवा की शुरुआत 17 नवंबर 2017 को की थी. इसके बाद यह सेवा गरीब मरीजों के लिए निशुल्क एंबुलेंस सुविधा के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में एक संजीवनी साबित हुई. लेकिन रखरखाव के अभाव में महज नौ वर्षों के भीतर यह सेवा खुद ही बदहाल स्थिति में पहुंच गई है. सिमडेगा के सिविल सर्जन ने बताया कि 108 एंबुलेंस की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य मुख्यालय से सेवा को सुदृढ़ करने की मांग की गई है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एंबुलेंस बुकिंग की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की आवश्यकता है. स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस की यह बदहाल स्थिति यदि जल्द नहीं सुधारी गई, तो आने वाले समय में सिमडेगा की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर संकट में पड़ सकती है.
