रांची
प्रतिबंधित नक्सली संगठन PLFI का स्टेट चीफ और 10 लाख रुपये का इनामी अमृत होरो उर्फ मेचो, लापुंग के महुगांव जंगल से पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। पिछले 16 वर्षों से सक्रिय इस नक्सली के पास से एक स्वचालित पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और PLFI के नक्सली पर्चे बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से PLFI का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। रांची पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

खुफिया सूचना के आधार पर देर रात पुलिस की घेराबंदी
वरीय पुलिस अधीक्षक गुप्त सूचना मिली थी कि अमृत होरो अपने सहयोगियों के साथ लापुंग थाना क्षेत्र के महुगांव जंगल के आसपास हथियारों के साथ घूम रहा है और किसी बड़ी नक्सली वारदात की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी के निर्देशन तथा डीएसपी बेड़ो दीपक कुमार के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। छापामारी टीम ने देर रात महुगांव के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर एक संदिग्ध हथियारबंद व्यक्ति को दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या के रूप में बताई और खुद को PLFI का स्टेट चीफ स्वीकार किया। 
16 वर्षों से सक्रिय था अमृत होरो
पुलिस के मुताबिक अमृत होरो पिछले करीब 16 वर्षों से झारखंड में सक्रिय था और रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा तथा पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में नक्सली गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। उस पर हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, आगजनी, फायरिंग और सरकारी विकास कार्यों में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप हैं।
डिजिटल माध्यमों से वसूली और दहशत का नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि PLFI के नाम पर व्यवसायियों, ठेकेदारों और प्रतिष्ठित लोगों को फोन तथा सोशल मीडिया एप के जरिए धमकाकर रंगदारी और लेवी की मांग की जाती थी। संगठन के नाम पर दहशत फैलाकर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
50 से अधिक संगीन मामलों में था वांछित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमृत होरो के खिलाफ रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम सहित विभिन्न जिलों में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, अपहरण, रंगदारी, उग्रवादी गतिविधियां, आर्म्स एक्ट और यूएपीए के तहत दर्ज मामले शामिल हैं। अमृत होरो कई चर्चित घटनाओं में शामिल रहा है। वर्ष 2023 में लापुंग क्षेत्र में राजेश कुमार साहू की हत्या, 2024 में जलमीनार निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार से 20 लाख रुपये की लेवी की मांग, 2026 में खूंटी जिले के रेल परियोजना स्थल पर फायरिंग और रोड रोलर जलाने की घटना तथा विभिन्न जिलों में व्यवसायियों और ठेकेदारों से लाखों रुपये की रंगदारी मांगने के मामलों में उसकी भूमिका सामने आई है। रांची पुलिस का दावा है कि अमृत होरो की गिरफ्तारी के साथ ही प्रतिबंधित संगठन PLFI के शीर्ष नेतृत्व का पूरी तरह सफाया हो गया है।