रांची
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली झारखंड की बहुचर्चित जोहार परियोजना को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर इस परियोजना के विस्तार पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

मंत्री दीपिका ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए लिखा कि विश्व बैंक द्वारा सराही गई जोहार परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने लिखा कि “इस अभिनव पहल ने ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। अब इस परियोजना को और व्यापक रूप देने की दिशा में राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है।” मंत्री ने भरोसा जताया कि विश्व बैंक के सहयोग से आने वाले वर्षों में झारखंड की महिलाओं को और अधिक अवसर, संसाधन और सशक्तिकरण का लाभ मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड की हर महिला सक्षम, सशक्त और समृद्ध बने।

बता दें कि विश्व बैंक ने झारखंड में चल रही जोहार परियोजना की जमकर प्रशंसा की है। ग्रामीण विकास विभाग के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा संचालित इस परियोजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी है। पिछले चार वर्षों में इस योजना के तहत महिलाओं के नेतृत्व में गठित 21 फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) ने मिलकर करीब 21 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार किया है। यह न सिर्फ आर्थिक रूप से उल्लेखनीय है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण भी बनकर उभरा है।
