रांची
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गढ़वा दौरे और उनके उद्घाटन कार्यक्रमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने गडकरी द्वारा लोकार्पित की गई परियोजनाओं को "राजनीतिक इवेंट मैनेजमेंट" बताया और दावा किया कि जिन योजनाओं की झंडी दिखाई गई, उन पर तो पहले से काम जारी था और टोल वसूली भी चालू हो चुकी थी। भट्टाचार्य ने कहा कि जिस बायपास का उद्घाटन गडकरी ने किया, वहां कई दिनों से टोल टैक्स वसूला जा रहा है। उन्होंने पूछा कि जब सड़क पहले से चालू थी तो उद्घाटन का औचित्य क्या रह जाता है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र प्रायोजित कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की लागत पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जिन योजनाओं की लागत ₹400 करोड़ बताई है, उनकी वास्तविक लागत ₹558 करोड़ है। यानी ₹158 करोड़ अतिरिक्त खर्च किसने किया और क्यों किया, इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
भट्टाचार्य ने झारखंड सरकार द्वारा पूरी की गई परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि रांची का मेकॉन फ्लाईओवर ₹355 करोड़ में बना जबकि कांटाटोली फ्लाईओवर महज ₹224 करोड़ में तैयार हुआ। इसके मुकाबले केंद्र की योजनाओं में भारी लागत दिखाई जा रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में एक फ्लाईओवर में ₹150 करोड़ की बर्बादी हुई थी।

भट्टाचार्य ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गडकरी को पत्र लिखकर निजी कारणों से कार्यक्रम की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था, लेकिन केंद्र ने इसे अनदेखा कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कार्यक्रम को राजनीतिक मंच नहीं माना जा रहा था, तो फिर केवल बीजेपी के सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधियों को मंच पर क्यों जगह दी गई, जबकि क्षेत्रीय विधायक को बुलाया तक नहीं गया। भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड के संसाधनों पर हो रहे इस तरह के खर्च और पक्षपातपूर्ण राजनीति का हिसाब अब जनता लेगी और भाजपा को इसका जवाब देना होगा।
