खूंटी
ग्रामसभा की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण खूंटी के बिनगांव में प्रस्तावित चंगाई सभा का आयोजन रोक दिया गया। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी पूरी हो चुकी थी और मंच भी बन लिया गया था। लेकिन अंतिम समय में ग्रामसभा की अनुमति नहीं मिलने के कारण आयोजन रद्द करना पड़ा। कुछ लोगों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल की जमीन तेली समाज की मिल्कियत है। तेली समाज को जब इसकी जानकारी दी गई कि आयोजन के लिए ग्रामसभा से अनुमति नहीं ली गई है, तब उन्होंने अपनी जमीन देने से मना कर दिया। इसके बाद आयोजकों से स्थल खाली करने को कहा गया। खबर लिखने तक कार्यक्रम स्थल से मंच समेत अन्य समान हटा लिये गये थे।

ग्राम प्रधान जिदन मुंडा और पाहन जॉन पाहन के नेतृत्व में विरोध
बता दें कि इस आयोजन का ग्राम प्रधान जिदन मुंडा और पाहन जॉन पाहन के नेतृत्व में लोगों ने कार्यक्रम का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की परंपरा, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए बिना ग्रामसभा की सहमति के इस प्रकार का आयोजन होना वैधानिक नहीं है।
वहीं, आयोजनकर्ताओं की ओऱ से खूंटी डीसी को आवेदन दिया गया। आवेदन में कहा गया कि रायपुर निवासी डॉ सागर ममीह द्वारा "झारखंड सुसमाचार महोत्सव 2026" के तहत चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी। हालांकि इस कार्यक्रम के लिए ग्रामसभा से किसी तरह का संपर्क नहीं किया था और न ही इसकी अनुमति ली गयी थी। बहरहाल, आवेदन में पेसा कानून और न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा को अपनी परंपराओं, सामाजिक एवं धार्मिक प्रथाओं तथा सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण का अधिकार है।
