द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर में बुधवार शाम टेल्को भुवनेश्वरी मंदिर के पास क्वार्टर नंबर एन-136/2 से 9 वर्षीय बच्ची अंशिका सिंह के लापता होने की खबर ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। बच्ची शाम 4:15 बजे के करीब ट्यूशन से लौटते वक्त अचानक गायब हो गयी थी। शुरुआती खोजबीन में जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो परिवार ने तुरंत टेल्को थाना को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और आम नागरिकों की एकजुटता से बच्ची को खोज निकाला गया।
वहीं, करीब 9 घंटे बाद अंशिका की सुरक्षित वापसी ने पूरे शहर को राहत दी। लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कैसे एक बच्ची की तलाश में पूरा मोहल्ला, कई अनजान लोग, बिना स्वार्थ के एकजुट हो सकते हैं। कुछ ने खाना नहीं खाया, कुछ ने रातभर जाग कर बच्ची की खोज की। अगर समाज ऐसे ही हर घटना में संवेदनशीलता और एकजुटता दिखाए, तो कई हादसों को टाला जा सकता है।
सोशल मीडिया पर फैली जानकारी
अंशिका की गुमशुदगी की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। इसके बाद हर संभावित जगहों और सड़कों पर बच्ची की खोज शुरू हुई। इनमें अधिकांश लोग बच्ची को जानते भी नहीं थे, लेकिन फिर भी उसे ढूंढ़ने की बेचैनी हर चेहरे पर साफ दिख रही थी। परिवार ने बताया कि अंशिका के होमवर्क नहीं करने पर ट्यूशन टीचर ने उसे घर भेज दिया था। लेकिन वह घर नहीं पहुंची। परिजन कुछ समय अपने स्तर से खोजते रहे, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को खबर दी गई। इसके बाद डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। रात करीब 1 बजे, उसी कॉलोनी के पास स्थित क्वार्टर एन-133 के गेट के पास बच्ची अचानक खड़ी मिली। वह एक स्कूटी के पीछे चुपचाप खड़ी थी। बच्ची को सही-सलामत देखकर परिजनों और खोज में जुटे लोगों ने राहत की सांस ली।
