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रांची DC का सख्त एक्शन : ई-विद्यावाहिनी ऐप पर हाजिरी नहीं बनाने की मिली सजा, 233 प्राचार्य और 215 शिक्षकों का वेतन रुका

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रांची
रांची जिले की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बहुत सख्त कदम उठाया है। जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अगुवाई में हुई एक बैठक में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और हेडमास्टरों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। इसके तहत, जिन स्कूलों का मैट्रिक (10वीं) का रिजल्ट खराब आया है, वहां के शिक्षकों से जवाब मांगा गया है। साथ ही, ई-विद्यावाहिनी ऐप पर अपनी रोजाना की हाजिरी न लगाने वाले सैकड़ों शिक्षकों और 233 स्कूलों के प्राचार्यों का सैलरी रोकने का कड़ा आदेश दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 


ई-विद्या वाहिनी ऐप पर हाजिरी नहीं तो वेतन भी नहीं 
वहीं इंटरमीडिएट विज्ञान में खराब परिणाम वाले स्कूलों से भी जवाब मांगा गया। केवल पास प्रतिशत नहीं बल्कि 75% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में ई-विद्या वाहिनी ऐप पर अटेंडेंस को लेकर सबसे ज्यादा सख्ती दिखाई गई। जिले के 233 विद्यालयों ने एक भी दिन बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं की। ऐसे सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अगले आदेश तक वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा 1461 विद्यालय ऐसे पाए गए, जहां छात्रों की उपस्थिति 10 दिनों से भी कम दर्ज की गई। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। रांची सदर क्षेत्र मेंर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आभा कुमारी का वेतन भी रोकने का निर्देश दिया गया। जिले के 215 शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की। इन सभी का वेतन रोक दिया गया।


जर्जर हालत वाले स्कूलों में पढ़ाई तुरंत बंद करने के आदेश
DC ने आदेश दिया है कि जो स्कूली भवन खराब या जर्जर हालत में हैं, उनमें बच्चों की पढ़ाई तुरंत बंद की जाए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इन जर्जर भवनों को ठीक करने के काम को सबसे पहले पूरा करने को कहा गया है। इसके लिए DMFT और अन्य सरकारी फंडों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत और जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।  जिले के 1416 शिक्षकों ने अभी तक 'जे-गुरुजी ऐप' पर अपना जरूरी CPD ट्रेनिंग शुरू नहीं किया है। डीसी ने सख्त निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक अगले 7 दिनों के अंदर अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दें। ऐसा न करने वाले शिक्षकों का सैलरी रोकने की चेतावनी दी गई है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खाली सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भी 7 दिनों का समय तय किया गया है। 

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