द फॉलोअप डेस्क:
Entertainment News: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के मौके पर प्रसारित हुए शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ के खास एपिसोड को लेकर चर्चा में हैं। शो में उन्होंने देश में शांति और भाईचारे को लेकर अपनी बात रखी। संजय दत्त ने कहा कि भारत के लोग बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज हैं, लेकिन उन्हें अब देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। उन्होंने देश में शांति और बेहतर माहौल की कामना करते हुए भगवान शिव से प्रार्थना की कि पुराने दिनों जैसा माहौल फिर लौटे। इसके बाद शो में उन्हें पांच मिनट के लिए प्रधानमंत्री की भूमिका निभाने को कहा गया, जहां उन्होंने अपने लोकप्रिय फिल्मी किरदार ‘मुन्ना भाई’ के अंदाज में एक व्यंग्यात्मक भाषण दिया।
एंटेरटैनमेंट की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

यह भी पढ़ें: ‘नई नवेली’ के प्रमोशन को पटना पहुंचीं यामी गौतम, पटन देवी और गुरुद्वारे में टेका मत्था
‘मुन्ना भाई’ अंदाज में सियासी व्यंग्य
संजय दत्त ने इस काल्पनिक भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों और सार्वजनिक जगहों पर नेताओं की तस्वीरों को लेकर भी मजाकिया टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री होते तो लोगों के बीच रहकर काम करने पर जोर देते। नेताओं की तस्वीरों के संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि देश में देश की तस्वीर दिखनी चाहिए और महात्मा गांधी के विचारों को ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। उनके इस पूरे सेगमेंट का अंदाज राजनीतिक भाषण से ज्यादा व्यंग्य और हास्य का था, जिसमें उन्होंने अपने ‘मुन्ना भाई’ किरदार की भाषा और शैली का इस्तेमाल किया।

संजय दत्त ने बताया चौथा बंदर
शो में महात्मा गांधी के तीन बंदरों का जिक्र करते हुए संजय दत्त ने मौजूदा दौर के लिए ‘चौथे बंदर’ की जरूरत बताई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई गलत चीज सामने हो और लोग उसे देखकर, सुनकर या उसके बारे में बोलने से बचें, तो उसे ठीक कौन करेगा। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि देश में गलत चीजों को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें सुधारने की कोशिश जरूरी है। संजय दत्त ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी अपने ‘मुन्ना भाई’ अंदाज में जिक्र किया और टैरिफ तथा अंतरराष्ट्रीय विवादों पर बातचीत और ‘गांधीगिरी’ के जरिए समाधान का मजाकिया संदेश दिया। इस तरह उनका पूरा सेगमेंट शांति, संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को हास्य और व्यंग्य के जरिए सामने रखने पर केंद्रित रहा।