गायक अभिनेता के.एल. सहगल के 'विकल्प' के रूप में गाने और अभिनय के लिए जिन्हें "चुन" लिया गया था।
एक जौहरी के परिवार में 6 जून 1918 को जन्मे फ़ारूक़ क़ैसर भारतीय हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गीतकार थे, जिन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
'''फ़िल्म पिज़्ज़ा एम. एम. एस. की समीक्षा डॉ. तबस्सुम जहां के शब्दों
लता मंगेशकर- फ़िल्म मजबूर के माध्यम से हैदर साहब ने मुझे फ़िल्म इंडस्ट्री में स्थापित करके ही दम लिया। ग़ुलाम हैदर वास्तव में मेरे गॉडफादर हैं।"
2004 में फिल्म आई थी- गाडी लोहरदगा मेल।
छठ के गीतों में बेटी की कामना के स्वर परांपरागत तौर पर मिलते हैं। बिंष्यवासिनी देवी का तो लोकप्रिय छठ गीत ही था-रुनुकी झुनुकी के बेटी मांगीला।
' 7 साल की उम्र में पहली बार गीत गाने वाले लोक गायक-गीतकार 74 साल में हुए पद्मश्री
देश भर में छठ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह पर्व बिहार, झारखंड समेत कुछ राज्यों में बेहद अहम माना जाता है। इसे पर्व नहीं महापर्व का दर्जा दिया गया है। इस पर्व में भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है और छठी माता की पूजा की जाती है। पवन सिंह, खेसारी लाल या
सितारा देवी के कथक में 'बनारस' और 'लखनऊ' घराने के तत्वों का उच्चस्तरीय सम्मिश्रण दिखाई देता था। वह उस समय की कलाकार हैं- जब पूरी-पूरी रात कथक की महफिल जमी रहती थी।
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने फर्श से लेकर अर्श तक का सफर खुद ही तय किया है। वे एक बेहद ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे। आज वह 950 करोड़ रुपये यानी लगभग 127 मिलियन यूएस डॉलर के मालिक है। विराट कोहली के इंस्टाग्राम पर 166 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं
पुरुषोत्तम कुमार निर्देशित शॉर्ट नागपुरी फिल्म "बांधा खेत" का भी प्रदर्शन किया गया
महज चार एपिसोड की एक सीरीज़ सोनी पर आयी है- Tryst With Destiny यानि नियति से साक्षात्कार।